उत्तराखंड में सीएम धामी ने एक क्लिक में 4400 श्रमिकों के खातों में पहुंचाए 11 करोड़। जानिए आपके खाते में पहुंचे या नहीं……….
देहरादून: उत्तराखंड के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4400 से अधिक श्रमिकों को लगभग 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विवाह उपरांत सहायता योजना, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा योजना और शिक्षा सहायता योजना के लाभार्थियों को वन क्लिक के जरिए सहायता राशि हस्तांतरित की।
श्रमिकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ: CM धामी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि बोर्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
कार्यस्थलों के पास मिले सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सुविधाएं और सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उनके बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र श्रमिकों तक ही पहुंचे।
एक साल में 24 हजार से अधिक श्रमिकों को मिला लाभ
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पिछले एक वर्ष के दौरान 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 93 करोड़ 6 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की है।
सरकार का दावा है कि श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।

