उत्तराखंड वन महकमे में भर्तियों को लेकर बड़ा बदलाव, वन दरोगाओं के लिए न्यूनतम योग्यता तय, वन दरोगा-वन आरक्षी को लेकर आयु सीमा भी तय…….

देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट में आज वैसे तो कई प्रस्तावों पर मुहर लगी, लेकिन इनमें दो प्रकरण वन विभाग से जुड़े थे. जिन पर मुहर लगने के बाद अब वन विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती को लेकर कुछ नियम बदल जाएंगे। इसमें वन दरोगा, वन आरक्षी और सांख्यिकीय अधिकारी पद शामिल हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट ने वन विभाग से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर लगाते हुए वन सांख्यिकीय सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के तहत जहां एक ओर सांख्यिकीय अधिकारियों के खाली पदों पर भर्ती के नियमों को संशोधित किया गया है, तो वहीं दूसरी ओर वन दरोगा और वन आरक्षी से जुड़े प्रावधानों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल का बयान
सांख्यिकीय सेवा में भी संशोधन: लंबे समय से लंबित इन मांगों पर सरकार के इस निर्णय को विभागीय स्तर पर बड़ा सुधार माना जा रहा है। सबसे पहले बात सांख्यिकीय सेवा की करें तो वन विभाग के अंतर्गत आने वाले सांख्यिकीय अधिकारियों के 4 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए नियमों में संशोधन किया गया है।

दरअसल, पहले से लागू नियमावली में शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अनुभव को लेकर कुछ अस्पष्टता थी, जिसे अब दूर करने की कोशिश की गई है. वहीं, इस बैठक में वन दरोगा के पद से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। लंबे समय से वन दरोगाओं की ओर से ये मांग उठाई जा रही थी कि भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाया जाए।

अब वन दरोगा के लिए ग्रेजुएशन जरूरी: अब तक इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) तय थी, लेकिन कैबिनेट के फैसले के बाद इसे बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है. सरकार का यह कदम वन विभाग में पेशेवर दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, वन दरोगा संगठन इस फैसले से खासा उत्साहित नजर आ रहा है।

“यह मांग काफी समय से लंबित थी और इसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे. शासन और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से आखिरकार यह संभव हो पाया है. योग्यता बढ़ने से विभाग में बेहतर प्रतिभा आएगी, जिससे वन संरक्षण और प्रबंधन के कार्यों में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा.”- स्वरूप चंद रमोला, प्रदेश अध्यक्ष, वन दरोगा संगठन।

वन दरोगा और वन आरक्षी पद के लिए आयु सीमा तय: इसके अलावा कैबिनेट ने वन दरोगा और वन आरक्षी के पदों के लिए आयु सीमा में भी संशोधन किया है. नए प्रावधानों के तहत वन दरोगा के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है. वहीं, वन आरक्षी के पद के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है।

सरकार का कहना है कि आयु सीमा को स्पष्ट और संतुलित करने से भर्ती प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित होगी और युवाओं को समान अवसर मिल पाएगा। इन बदलावों से वन विभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार देखने को मिल सकता है।

एक ओर जहां सांख्यिकीय अधिकारियों की भर्ती में तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है, तो वहीं दूसरी ओर वन दरोगा जैसे फील्ड से जुड़े पदों के लिए शैक्षणिक स्तर बढ़ाना भी एक सकारात्मक संकेत है। इससे विभाग में निर्णय लेने की क्षमता और कार्य निष्पादन दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *