उत्तराखंड के ऋषिकेश में बजरंग सेतु के ‘ग्लास वॉकवे’ की सुरक्षा बढ़ी, 24 घंटे गार्ड तैनात…….
ऋषिकेश: बजरंग सेतु के कांच वाले हिस्से की लोक निर्माण विभाग ने सुरक्षा बढ़ा दी है। 24 घंटे यहां गार्डों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कांच वाला हिस्सा पहले से है।
कांवड़ मेले के लिए भी लोनिवि की ओर से पुल के बीच वाले हिस्से को खुला रखा जाएगा। कांवड़ यात्रियों को यहां से भेजने पर अंतिम फैसला पुलिस करेगी। कांच वाले हिस्से में कांवड़ यात्रियों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
टिहरी जिले को पौड़ी जिले से जोड़ने वाला करीब 100 साल पुराना लक्ष्मण झूला पुल बंद होने के बाद लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में बजरंग सेतु का निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
पुल 132.30 मीटर लंबा और बीच में पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों ओर डेढ़, डेढ़ मीटर के कांच के फुटपाथ बनाए गए है। 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का लगाया गया है। जिसमें नीचे गंगा नजर आती है। कांच के फुटपाथ पर पहुंचे कुछ लोगों ने उसे कई बार क्षतिग्रस्त कर दिया था।
इसके बाद इस हिस्से पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही थी। अब लोनिवि की ओर से 24 घंटे यहां गार्डों की तैनाती की गई है। पुल के बीच वाले हिस्से को कांच वाले हिस्से से अलग करने के लिए करीब तीन फुट की रेलिंग लगाई गई।
कई पर्यटक इसे फांदकर कांच वाले हिस्से में पहुंच रहे थे। अब इस रेलिंग को ऊंचा करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कांवड़ मेला शुरू होने से पहले यह काम पूरा किया जाएगा।
कांवड़ के दौरान पुल का बीच वाला हिस्सा कांवड़ यात्रियों के लिए खुला रहेगा। लेकिन वह कांच वाले हिस्से में नहीं जा पाएंगे। अगर तब तक रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाने का काम पूरा नहीं हो पाता है तो पुलिस की भी तैनाती की जाएगी।
कांवड़ में भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
कांवड़ मेले में मुनिकीरेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में भारी भीड़ रहती है। इन जगहों से कांवड़ यात्री नीलकंठ महादेव मंदिर जाते हैं।
पिछले सालों तक आवागमन के लिए केवल जानकी सेतु और रामझूला पुल ही था। रामझूला पुल भी पुराना है, इसकी भी मरम्मत की जानी है। इस पुल पर दोपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं।
ऐसे में जानकी सेतु पर दबाव अधिक बढ़ जाता है। रामझूला पुल पर व्यवस्था बनाना पुलिस के लिए चुनौती रहती है। बजरंग सेतु के बीच वाले हिस्से का उपयोग पुलिस अपने स्तर से कर पाएगी। इससे भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।
टिकट लगाने पर चल रहा विचार
बीती चार जून को मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बजरंग सेतु का निरीक्षण किया था। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया था कि कांच वाले हिस्से में आवागमन के लिए टिकट लगाने पर विचार किया जा रहा है।
जिससे अनावश्यक लोग कांच वाले हिस्से में आकर उसे नुकसान न पहुंचाएं। मुख्य सचिव ने बीच वाले हिस्से से कांच वाले फुटपाथ को अलग करने के लिए रेलिंग लगाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद लोनिवि ने यह काम शुरू किया।
भार क्षमता में सही मिला था पुल
पुल भार क्षमता नापने के लिए कुछ समय पहले बीच के हिस्से में 50 मैक्स वाहन खड़े कराए गए थे। कांच वाले हिस्से में भी रेत, सीमेंट की बोरी रखकर भार क्षमता परखी गई थी। जिसमें पुल ठीक मिला था। अब तक पुल को औपचारिक तौर पर नहीं खोला गया है।
हालांकि, लोग इसमें आवागमन करते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
बजरंग सेतु के कांच वाले हिस्से में आवागमन रोकने के लिए 24 घंटे गार्ड तैनात किए गए हैं। कांवड़ में पुल का बीच वाला हिस्सा खुला रहेगा। पुलिस अपने स्तर से इसका उपयोग कर सकती है। कांवड़ यात्रियों को भी कांच वाले हिस्से में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। :प्रवीण कर्णवाल, ईई लोनिवि, नरेंद्रनगर

