उत्तराखंड की राजधानी में फिर गरजा एमडीडीए का बुलडोज़र, अवैध प्लॉटिंग और निर्माणध्वस्त………
देहरादून: राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग स्थलों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण किया।
सहसपुर में 5 बीघा भूमि पर विकसित हो रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
एमडीडीए की टीम ने ग्राम शेरपुर, सहसपुर में नए हाईवे के समीप करीब पांच बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि संबंधित पक्ष द्वारा प्राधिकरण से कोई वैधानिक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
सेलाकुई में अवैध निर्माण पर भी चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे सेलाकुई क्षेत्र में किए जा रहे एक अवैध निर्माण को भी गिराया गया। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति के किया जा रहा था, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
मसूरी रोड के कोलूखेत क्षेत्र में भी कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम ने मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में भी बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्य को चिन्हित कर कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवाया और अवैध हिस्सों को ध्वस्त किया।
MDDA की चेतावनी—अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किए जाने वाले निर्माण कार्यों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में देहरादून, सहसपुर, सेलाकुई और मसूरी रोड क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए लगातार अभियान चला रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास और भू-उपयोग नियमों के पालन के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।

