उत्तराखंड में राजधानी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, इस दिन तक बदले-बदले रहेंगे मौसम के तेवर……….

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले दो दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को कुछ समय के लिए मौसम साफ हुआ तो मैदानी इलाकों में उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। हालांकि दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट ली और कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कई दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विशेषकर पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

देहरादून में गर्मी बरकरार, दोपहर बाद मिली राहत
शुक्रवार को देहरादून में सुबह से धूप और उमस का असर देखने को मिला। दोपहर करीब तीन बजे के बाद आसमान में बादल छाए और शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया, लेकिन तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून का अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया।

पहाड़ों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 4 जुलाई के लिए पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल समेत अन्य पर्वतीय जिलों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

मैदानी जिलों में भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

9 जुलाई तक बना रहेगा बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है। वहीं मैदानी इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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