IFS संजीव चतुर्वेदी के समर्थन में उतरी Cockroach Janta Party। लोकपाल में नियुक्ति को बताया भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम………….
देहरादून: उत्तराखंड कैडर के चर्चित भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को लोकपाल (Lokpal of India) में संयुक्त सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
इसी बीच Cockroach Janta Party (CJP) ने भी संजीव चतुर्वेदी के समर्थन में खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
लोकपाल में प्रतिनियुक्ति के लिए मिली राज्य सरकार की मंजूरी
उत्तराखंड शासन ने हाल ही में लोकपाल सचिवालय को पत्र भेजकर संजीव चतुर्वेदी के आवेदन पर औपचारिक सहमति प्रदान की है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक प्रशासनिक और विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
संजीव चतुर्वेदी ने लोकपाल द्वारा जारी संयुक्त सचिव पद के विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। अब अंतिम फैसला लोकपाल सचिवालय की चयन प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।
CJP ने किया समर्थन, बताया सकारात्मक फैसला
संजीव चतुर्वेदी को NOC मिलने के बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम बताया है।
पार्टी की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा संजीव चतुर्वेदी को लोकपाल में प्रतिनियुक्ति के लिए मंजूरी देना भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम है। पोस्ट में उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने विभिन्न मामलों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उजागर किया तथा प्रशासनिक दबावों के बावजूद अपनी भूमिका निभाई।
CJP ने उम्मीद जताई कि लोकपाल जैसी संस्था में उनकी भूमिका से जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
कौन हैं संजीव चतुर्वेदी?
संजीव चतुर्वेदी उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ IFS अधिकारी हैं, जो अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाने जाते हैं। वह पहले दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) से जुड़े मामलों और प्रशासनिक पारदर्शिता के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में रह चुके हैं।
वन विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें देश के चर्चित अधिकारियों में शामिल किया है।
अब लोकपाल सचिवालय के फैसले पर नजर
राज्य सरकार से NOC मिलने के बाद अब पूरा मामला लोकपाल सचिवालय के पास है। सभी आवेदनों की जांच, पात्रता परीक्षण और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संयुक्त सचिव पद पर अंतिम नियुक्ति का निर्णय लिया जाएगा।
संजीव चतुर्वेदी की संभावित नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की भी नजरें लोकपाल के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

