उत्तराखंड के हरिद्वार अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं को मिलेगा शुद्ध पेयजल, जल निगम की साढ़े आठ करोड़ की तैयारी……..

हरिद्वार: अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। जल निगम ने इसके लिए व्यापक तैयारियां शुरु कर दी हैं। बैरागी कैंप, गौरी-शंकर द्वीप, मायापुर, मनसा देवी और हर की पैड़ी सेक्टर में अस्थायी पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। स्टैंड पोस्ट लगाकर पीवीसी टैंक स्थापित किए जाएंगे।

पानी कनेक्शन और वॉटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी। इससे मेला अवधि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध होगा।

विभिन्न सेक्टरों में बिछेगी अस्थायी पाइपलाइन और स्थापित किए जाएंगे स्टैंड पोस्ट व टैंक।
अर्धकुंभ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और छवि के लिए भी बड़ा अवसर है। बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आने से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। सरकार इन तैयारियों के माध्यम से एक यादगार और सुरक्षित कुंभ का आयोजन करना चाहती है।

अर्धकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
इस बार अर्धकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी के मद्देनजर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। गंगा स्नान, अखाड़ों के जुलूस और विभिन्न कैंपों में रहने वाले साधु संतों तथा आम श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती होती है। बड़े स्तर के आयोजनों में स्थायी जल व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती।

अस्थायी पाइपलाइनों, स्टैंड पोस्टों और बड़े टैंकों से घाटों, कैंपों और मुख्य मार्गों पर पानी की कमी नहीं रहेगी। जल व्यवस्था मजबूत होने से पूरे मेला क्षेत्र का प्रबंधन बेहतर होगा। श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के गंगा स्नान और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

इन सेक्टरों में इतनी लागत से कार्य कराए जाएंगे
बैरागी कैंप सेक्टर में 3.67 करोड़ की लागत से कार्य कराए जाएंगे। मायापुर, मनसा देवी और हर की पैड़ी सेक्टर में 1.12 करोड़ और गौरी शंकर क्षेत्र में 3.68 करोड़ की लागत से कार्य होंगे। यहां अलग-अलग व्यास की दस हजार मीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। हजारों की संख्या में स्टैंड पोस्ट और पीवीसी टैंक स्थापित किए जाएंगे।

अग्नि सुरक्षा के तहत फायर हाइड्रेंट भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा पर्याप्त संख्या में वॉटर कूलर भी लगाए जाएंगे। अग्नि सुरक्षा के तहत फायर हाइड्रेंट भी लगाए जाएंगे। मेला अवधि के दौरान तीन शिफ्ट में फिटर, जूनियर फिटर और बेलदारों की रखरखाव गैंग भी तैनात रहेगी। मेला समाप्त होने के बाद इन अस्थायी व्यवस्थाओं को हटाया जाएगा।

श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी
इस अस्थायी व्यवस्था से श्रद्धालुओं को बड़ा लाभ मिलेगा। हजारों स्टैंड पोस्टों से आसानी से पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा। फायर हाइड्रेंट और पानी के टैंकरों से किसी भी आग या आपात स्थिति में तुरंत निपटने की क्षमता बढ़ेगी। अखाड़ों, साधु कैंपों और मुख्य घाटों पर पानी की उपलब्धता बढ़ने से भीड़ प्रबंधन आसान होगा और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

By admin

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