अब कांवड़ यात्रा के दौरान भी आम नागरिकों के लिए चालू रहेगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, तैयार होगा मेगा प्लान……….
देहरादून: कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक में चर्चा की गई कि दिल्ली-देहरादून इकानोमिक कॉरिडोर आम नागरिकों के लिए चालू रखा जाएगा, जबकि शिवभक्तों के लिए अन्य मार्ग तय किया जाएगा। फिलहाल इस पर एनएचएआई से अनुमति मिलने का इंतजार है।
आठ दिनों से यूपी और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारी कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारी में जुटे हैं। सहारनपुर में बैठक के बाद मेरठ में भी बैठक हो चुकी है। बैठक में चर्चा की गई कि हरियाणा, राजस्थान जाने के लिए शिवभक्तों का हरिद्वार से मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए पानीपत, करनाल का मार्ग तय किया जाएगा।
पैदल वाले शहर से गुजरेंगे, जबकि बड़ी और डाक कांवड़ शामली तहसील पहुंचने के बाद शामली बाईपास से होते हुए कैराना के बाहर से पानीपत-खटीमा हाईवे होते हुए यमुना पार कर हरियाणा में प्रवेश करेंगे। प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर यातायात को पूरी तरह सुचारु बनाए रखना है। इसके लिए डाक कांवड़ के वाहनों को मुख्य कॉरिडोर पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसमें सहारनपुर सीमा क्षेत्र में ही दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर पर नाकाबंदी की जाएगी।
ऐसा होगा प्लान
जरूरत पड़ने और एनएचएआई से अनुमति मिलने के बाद शामली के थानाभवन क्षेत्र में ख्यावड़ी कट के पास भी नाकाबंदी होगी और पुलिस को भी तैनात किया जाएगा, जिससे पीछे से कॉरिडोर पर होते हुए आने वाले डाक कांवड़ को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से निकाला जा सके।
तैयार की गई योजना के अनुसार, शामली के रास्ते बागपत, दिल्ली, सोनीपत, रेवाड़ी की ओर जाने वाले शिवभक्तों तथा डाक कांवड़ वाहनों को शामली बाईपास से लाकर बलवा चौक की ओर भेजा जाएगा, यहां से कांवड़िए दिल्ली और बागपत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उनके वाहनों को कांधला के रास्ते डाइवर्ट कर निकाला जाएगा। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के रूट तैयार किए जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

