उत्तराखंड में कल IMA पासिंग आउट परेड: देश को मिलेंगे 481 जांबाज सैन्य अफसर, पहली बार महिला कैडेट्स रचेंगी इतिहास……..
देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी में शनिवार को होने वाली भव्य पासिंग आउट परेड के साथ भारतीय सेना को 481 युवा सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे। कुल 515 कैडेट अकादमी के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर अंतिम पग भरकर अपने सैन्य जीवन की नई शुरुआत करेंगे। इस गौरवशाली समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी, जो परेड की सलामी लेंगी।
वर्षों के कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण, कड़े अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों को पार करने के बाद कैडेट्स शनिवार को देश सेवा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। पास आउट होने के बाद ये 481 भारतीय जांबाज देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना की विभिन्न विंग्स में कमान संभालेंगे।
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए राजधानी और अकादमी क्षेत्र में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। आइएमए परिसर की आंतरिक सुरक्षा का पूरा जिम्मा सेना के जवानों ने संभाला हुआ है, जबकि बाहरी सुरक्षा की कमान दून पुलिस के हाथों में है। सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
रचा जाएगा इतिहास
आईएमए (IMA) के इतिहास में इस बार की पासिंग आउट परेड एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। यह पहली बार होगा जब महिला कैडेट्स भी पुरुष कैडेटों के साथ कदमताल करती नजर आएंगी। दरअसल, अगस्त 2022 में एनडीए (NDA) में महिला कैडेटों के पहले बैच ने प्रवेश लिया था।
तीन साल के कड़े प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में 18 महिला कैडेट स्नातक हुईं, जिनमें से 09 कैडेटों ने भारतीय सेना में सेवा का विकल्प चुना और वर्तमान में वे आइएमए से अपना अंतिम प्रशिक्षण पूरा कर देश सेवा के लिए तैयार हैं।
16 मित्र देशों के 34 जांबाज भी होंगे पास आउट
शनिवार को होने वाली परेड में भारतीय कैडेट्स के साथ-साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी आफिसर कैडेट भी अपना कड़ा प्रशिक्षण पूरा कर पास आउट होंगे। ये सभी कैडेट्स अब अपने-अपने देशों की सेनाओं का हिस्सा बनेंगे।
आईएमए कमांडेंट के अनुसार, इन विदेशी कैडेटों ने यहाँ न केवल सैन्य विधाएं सीखी हैं, बल्कि भारत के साथ मित्रता के अटूट संबंध भी स्थापित किए हैं, जो भविष्य में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।
परेड के मुख्य बिंदू
पासआउट होने वाले कैडेट: 515
भारतीय कैडेट: 481
महिला कैडेट (सेना विंग): 09
विदेशी कैडेट: 34 (16 मित्र देश)
समारोह की मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

