उत्तराखंड के नैनीताल झील में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण पिछले तीन सालों में 20 से अधिक शव बरामद हुए हैं……..

नैनीताल: शहर की जीवनदायिनी व आजीविका की मुख्य स्रोत नैनी झील की सुरक्षा का जिम्मा जल पुलिस के एक जवान के हवाले है। जवान की ड्यूटी यातायात में अधिक रहती है। झील किनारे सुरक्षा के इंतजाम न होने से चुनिंदा स्पाट डेथ पॉइंट बन रहे हैं।

नैनी झील में साल दर साल छलांग लगाने, झील में गिरकर डूबने से मौत के मामले बढ़ रहे हैं। सालों पहले पुलिस की ओर से बनाई गई जल पुलिस चौकी बंद पड़ी हैं।

लोकभवन के पास तैनात एसडीआरएफ यूनिट की स्थापना को इसकी वजह बताया जा रहा है। पिछले तीन साल में डेढ़ दर्जन दर्जन से अधिक लोगों के शव झील में बरामद हो चुके हैं। तीन या चार ऐसे मामले हैं, जिनमें नौका चालकों व पुलिस ने झील में कूदे व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर जीवनदान दिया है।

पाषाण देवी मंदिर के पास से बीच तक सबसे ज्यादा गहराई
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलाजी देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार झील की औसत गहराई 16.90 मीटर है, जो 1989 में 18.52 मीटर थी। झील की अधिकतम गहराई 2018 में 27.15 मीटर, चौड़ाई 450 मीटर, सतही क्षेत्रफल 9.46 वर्ग किमी है। पाषाण देवी मंदिर के समीप से मध्य तक क्षेत्रफल में गहराई सर्वाधिक है।

गहराई अधिक होने की जानकारी की वजह से पाषाण देवी मंदिर के समीप से अधिकांश लोग आत्महत्या करते हैं। ऐसे में इस स्थान पर स्थायी तौर पर जल पुलिस की तैनाती की मांग स्थानीय लोग कर रहे हैं। इस स्थान पर चबूतरा व सुरक्षा के इंतजाम होने के बाद भी मामलों में कमी नहीं आ रही है।

ठंडी सड़क क्षेत्र में तड़के से शाम तक आवाजाही के बाद भी मामले बंद नहीं हो रहे हैं। तल्लीताल थाना क्षेत्र में पिछले तीन साल में झील से सात शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि मल्लीताल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पांच साल में 11 शव बरामद हो चुके हैं। शवों में किशोर-किशोरियों से लेकर बुजुर्ग, महिलाओं के हैं। पिथौरागढ़, हल्द्वानी के मानसिक अवसाद ग्रसित लोगों ने झील में छलांग लगाकर जीवन लीला खत्म की है।

इनके मिले झील में शव
15 फरवरी 2021:- 76 वर्षीय फिदा हुसैन, निवासी बेलुवाखान।
26 फरवरी 2021-हूमायू, निवासी नैनीताल
15 जुलाई 2021-एनएस राणा, निवासी रैमजे रोड
11 नवंबर 2021-कुलदीप आगरी, निवासी मनोरा
2022 में 54 वर्षीय राजेश निवासी सूखाताल, 17 वर्षीय दीपिका, टकाना रोड पिथौरागढ़ निवासी 46 वर्षीय भावना जोशी,
2023 में कैंट क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय विकास, मेहरागांव निवासी 35 वर्षीय ललित, शहर निवासी 30 वर्षीय नासिर,

2025 में शहर निवासी अंजलि, जनवरी 2026 में स्थानीय निवासी रोहन। तल्लीताल क्षेत्र में जून 2025 में पाषाण देवी मंदिर के समीप 13 वर्षीय किशोरी, सितंबर में शेरवुड क्षेत्र निवासी अनिल। वहीं, तल्लीताल क्षेत्र में पिछले तीन साल में सात शव बरामद किए गए।

नैनी झील की सुरक्षा के लिए एक जल पुलिस की तैनाती है, लोकभवन के समीप एसडीआरएफ की यूनिट भी है। जिसमें गोताखोर भी शामिल हैं। पहले जल पुलिस जवानों की संख्या अधिक थी, जिसे एसडीआरएफ के आने के बाद कम किया गया। पुलिस की ओर से झील किनारे गश्त बढ़ाई जाएगी। घटनाओं पर अंकुश के लिए कदम उठाए जाएंगे।
– डा. जगदीश चंद्र, एसपी, नैनीताल

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