उत्तराखंड के टीएचडीसी टनल हादसामें 19 लोगो को निकाला, 7 की मौत, मौके पर पहुंचे सीएम धामी………..
पीपलकोटी: मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों से घटनाक्रम की जानकारी ली।
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के बाद मलबा और पानी भर गया था।
हादसे के बाद टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत विभिन्न बचाव दल लगातार अभियान में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उपलब्ध संसाधनों व तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने टनल में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने और सभी बचाव एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को अब तक हुए रेस्क्यू अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है।
रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है। अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम घायलों के उपचार के साथ उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान के साथ घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को पूरी सावधानी और गंभीरता के साथ अभियान जारी रखने को कहा।
इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।
