उत्तराखंड के बागेश्वर में बदहाल सड़क पर ग्रामीणों का आक्रोश, 8 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन……….
बागेश्वर: पिथौरागढ़-बागेश्वर सीमा पर स्थित पौसा गांव में रविवार को कमस्यार घाटी के ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। नरगोली-बेरीनाग मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर आठ किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्षों से बदहाल सड़क अब क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। मरीजों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और नौकरी-पेशा लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आठ किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि नरगोली-बेरीनाग मोटर मार्ग कमस्यार घाटी के कई गांवों को बेरीनाग से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। सड़क पर डामरीकरण न होने के कारण बरसात में कीचड़, गड्ढे और मलबा जमा हो जाता है। कई स्थानों पर बड़े पत्थर और पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित होती है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है।
मानव श्रृंखला की सूचना मिलने के बाद जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सांसद अजय टम्टा ने सड़क के डामरीकरण के लिए एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया। सांसद के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने विभागीय कार्रवाई पर नजर रखने का निर्णय लिया।
विधायक गंगोलीहाट फकीर राम टम्टा ने वर्चुअल माध्यम से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क के डामरीकरण की प्रक्रिया चल रही है और सितंबर-अक्टूबर तक काम शुरू कर दिया जाएगा। विधायक ने ग्रामीणों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की और सड़क निर्माण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों ने लिखित में कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बजट उपलब्ध होते ही दिसंबर 2026 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क पर काम शुरू किया जाएगा। हालांकि, सांसद, विधायक और विभागीय अधिकारियों के आश्वासनों में समयसीमा भिन्न होने के कारण ग्रामीण अब वास्तविक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर काम शुरू होते हुए देखना है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की मांग वर्षों पुरानी है। पूर्व में भी कई बार विभाग और प्रशासन के समक्ष समस्या रखी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इस बार ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिनमें विनोद महरा, भगवान महरा, सुनील रावत, हरीश डसीला, महेश राठौर, भाष्कर कुमार, भगवत सिंह रौतेला, राजेश रावत, हयात डसीला, भगवान खाती, गोपा धपोला, सरोज आर्या, हरीश ऐठानी, मनोज रौतेला और दीपक सिंह शामिल थे।

