उत्तराखंड के नैनीताल में डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा- सड़कों के गड्ढे देख पर्यटक सोचेंगे यह जिला दरिद्र और निर्धन है……..

नैनीताल: नैनीताल जिले की सड़कों की दशा बेहद खराब है। सड़कों के गड्ढों के चलते नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटकों में भी इसका गलत संदेश जाएगा और पर्यटक यह सोचेंगे की यह जिला दरिद्र और निर्धन होगा। यह नाराजगी शनिवार को डीएम ललित मोहन रयाल ने भीमताल में आयोजित बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और एनएच के अधिकारियों के लिए जताई।

डीएम ने कहा कि नैनीताल की सड़कों से माननीय भी सफर करते हैं लेकिन उसके बाद भी सड़कों की स्थिति खराब है। डीएम ने ओखलकांडा के गौनियारों मोटर मार्ग जल्द को जल्द सही कराने के निर्देश लोनिवि के ईई को दिए। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जिन सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं उन्हें गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने सड़कों के गड्ढों से आम जनता, यात्रियों और सैलानियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसका विशेष ध्यान देते हुए गुणवत्ता के साथ सड़क पर डामरीकरण करने को कहा।

कार्रवाई के लिए विवश न करें, जल्द हल करें सीएम पोर्टल की शिकायतें: डीएम
भीमताल विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सीएम पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों के समाधान में हीलाहवाली पर विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा अधिकारी समस्याओं के समाधान में गंभीरता दिखाएं, मुझे सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई के लिए विवश न करें।

जिले में सीएम पोर्टल पर 817 शिकायतें लंबित रहने पर डीएम ने सभी अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इन विभागों में सबसे अधिक शिकायतें लंबित:-

समीक्षा के दौरान सामने आया कि मुख्य रूप से पांच विभागों में जनसमस्याएं अटकी हुई हैं

शहरी विकास विभाग: 197

पेयजल निगम: 137

जल संस्थान: 117

राजस्व विभाग: 77

ऊर्जा विभाग: 53

बजट खर्च न करने पर नोटिस, अनुपस्थित अफसरों पर होगी कार्रवाई।

स्पष्टीकरण तलब… उरेडा, सहकारिता, बाल विकास, प्राथमिक शिक्षा, लघु सिंचाई और राजकीय सिंचाई विभाग द्वारा विकास कार्यों का बजट खर्च न करने पर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अनुपस्थित अफसरों पर गाज… बैठक में भेषज और रेशम विभाग के सक्षम अधिकारियों के न पहुंचने पर डीएम ने अनुशासनहीनता मानते हुए शासन को कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र भेजने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत... बजट खर्च में लापरवाही पर अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) से जवाब मांगा गया है। साथ ही जिले में स्थाई अपर मुख्य अधिकारी की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए।

सहकारिता कार्यों की जांच… सहकारिता विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों के स्थलीय सत्यापन के लिए एक जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।

सीएम घोषणाओं और 20 करोड़ से अधिक की योजनाओं की समीक्षा
डीएम ने बताया कि जिले में प्रस्तावित सीएम घोषणाओं में से 227 पूर्ण हो चुकी हैं, 16 विलोपित की गई हैं और 94 पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने शेष घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने को कहा।

पीएमजीएसवाई को ”डी श्रेणी” मिलने पर फटकार।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में पीएमजीएसवाई के ”डी श्रेणी” में आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल रैंकिंग में सुधार न होने पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने जिला योजना, राज्य योजना और केंद्रीय योजनाओं के तहत आवंटित बजट का तेजी से उपयोग करने के निर्देश दिए।

बैठक में एडीएम सौरभ असवाल, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीडीओ/डीडीओ संतोष पंत, डीएसटीओ डॉ. मुकेश सिंह नेगी, सीएमओ डॉ. रश्मि पंत, सीईओ रणजीत सिंह नेगी और कमल मेहरा सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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