ब्रेकफास्ट के लिए बेस्ट ऑप्शन है चना दाल और पालक का चीला, सेव कर लें रेसिपी……
देहरादून: अगर सुबह ब्रेकफास्ट के लिए हेल्दी एंड टेस्टी ऑप्शन देख रहे हैं तो चना दाल और पालक का चीला आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है।
ब्रेकफास्ट के लिए बेस्ट ऑप्शन है चना दाल और पालक का चीला
सुबह की जल्दबाजी में अगर कुछ ऐसा बनाना हो जो टेस्टी होने के साथ-साथ न्यूट्रिशन से भरपूर हो, तो चना दाल और पालक का चीला सबसे बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह रेसिपी वजन घटाने वालों और डायबिटिक लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे बनाना बेहद आसान है। ऐसे में यहां हम आपके लिए चना दाल और पालक का चीला की रेसिपी लेकर आए हैं। यहां से नोट करें रेसिपी।
ये बनाने के लिए चाहिये सामग्री-
भीगी हुई चना दाल: 1 कप (4-5 घंटे भीगी हुई)
ताजा पालक: 1 कप (बारीक कटी हुई)
हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)
अदरक: 1 इंच का टुकड़ा
जीरा: 1 छोटा चम्मच
हींग: एक चुटकी
हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
नमक: स्वादानुसार
तेल या घी: चीला सेकने के लिए
बनाने की आसान विधि-
स्टेप 1: सबसे पहले भीगी हुई चना दाल को मिक्सी में डालें। इसमें अदरक, हरी मिर्च, जीरा और थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा और स्मूथ बैटर पीस लें।
स्टेप 2: इस बैटर को एक बर्तन में निकालें। अब इसमें कटी हुई पालक, हल्दी पाउडर, हींग और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अगर बैटर ज्यादा गाढ़ा लगे, तो 1-2 चम्मच पानी और मिला सकते हैं।
स्टेप 3: एक नॉन-स्टिक तवे को मध्यम आंच पर गरम करें और उस पर हल्का सा तेल लगाएं। तवे पर एक बड़ा चम्मच बैटर डालकर गोल-गोल फैलाएं।
स्टेप 4: चीले के किनारों पर थोड़ा सा तेल या घी डालें। जब निचली सतह हल्की सुनहरी हो जाए, तो इसे पलट दें और दूसरी तरफ से भी क्रिस्पी होने तक सेकें।
इस चीला के हेल्थ बेनिफिट्स।
प्रोटीन का पावरहाउस: चना दाल में भरपूर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को मजबूती देता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।
आयरन और विटामिन्स: पालक से भरपूर मात्रा में आयरन, फोलेट और विटामिन A, C मिलता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सुधारने में मददगार है।
वजन घटाने में मददगार: इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और असमय भूख नहीं लगती।
ब्लड शुगर कंट्रोल: चना दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बहुत सुरक्षित और फायदेमंद ऑप्शन है।

