उत्तराखंड के हरिद्वार में मदरसों से गायब हुए 12000 छात्रों का क्या मामला, सरकार ने शुरू की जांच………..

हरिद्वार: हरिद्वार में मदरसों से गायब हुए 12 हजारों छात्रों के प्रकरण पर सरकार ने जांच बैठा दी है। इस प्रकरण के बाद शिक्षा अलर्ट मोड पर है और राज्य भर में अभियान शुरू कर दिया है।

हरिद्वार में मदरसों से गायब हुए 12 हजार छात्रों का प्रकरण चौंकाने वाला है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच बिठा दी। अपर राज्य परियोजना निदेशक-समग्र शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी सीईओ को स्कूल और मदरसों में छात्रों की वास्तविक संख्या की जांच के आदेश दिए हैं। मामला क्या है? समझते हैं।

दरअसल, उत्तराखंड भर में मदरसों की संख्या 452 है। इनमें वर्तमान में 241 में पीएम पोषण योजना के तहत छात्रों को मिड डे मील दिया जाता है। हाल में हरिद्वार में जिला प्रशासन के स्तर से कराई गई जांच में मदरसों में छात्र संख्या को लेकर बड़ी विसंगति सामने आई।

हरिद्वार प्रकरण पर शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर
जिले के 130 से ज्यादा मदरसों में मार्च 2026 तक पंजीकृत 31 हजार छात्रों की संख्या अप्रैल तक 19 हजार ही रह गई। छात्र संख्या में इस पैमाने में गिरावट पर समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारी भी अलर्ट मोड में आ गए।

डॉ. सती ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि वर्तमान में राज्य में अपार आईडी बनाने का काम चल रहा है। अपार आईडी में स्कूल, मदरसों में पंजीक़ृत सभी छात्रों के प्रमाणिक दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए अपार आईडी बनाई जा रही है। इसके जरिए फर्जी छात्र संख्या भी आसानी से पकड़ में आ जाएगी।

सीबीएसई प्रकरण पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
उधर, हरिद्वार में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण जिलाध्यक्ष लक्ष्य चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग युवाओ और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। सरकार अपने मंत्री को बचाने में लगी हुई है। जबकि बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। पृथ्वीराज चौहान चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष लक्ष्य चौहान ने कहा कि पहले नीट का पेपर लीक होता है फिर सीबीएसई की कॉपी जांच में घोटाला होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है।

कांग्रेस बोली- बच्चों के साथ नाइंसाफी
उन्होंने कहा कि जब शिक्षा मंत्रालय नहीं संभाला जा रहा है तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। कब तक देश ऐसे मंत्रियों को झेलेगा। बच्चों के साथ नाइंसाफी हो रही है, उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। देश को भविष्य में अच्छे चिकित्सक मिलने थे लेकिन नीट पेपर लीक ने बच्चों के साथ साथ देश का भी नुकसान किया है। भाजपा देश और सरकार चलाने में नाकाम साबित हो रही है। हर वर्ग परेशान है। धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवा कांग्रेस बच्चों की आवाज़ उठाती रहेगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *