उत्तराखंड में मानसून का रौद्र रूप जारी, नैनीताल में 158 मिमी बारिश, इन जिलों में स्कूल बंद………..

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का रौद्र रूप लगातार बना हुआ है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मंगलवार रात 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार नैनीताल जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। भीमताल में सुबह से अब तक 158 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा धारी में 135 मिलीमीटर, कोश्याकुटौली में 93.5 मिलीमीटर, झूलाघाट में 76 मिलीमीटर, कालाढूंगी में 66 मिलीमीटर, बेतालघाट में 61.5 मिलीमीटर और रायवाला में 60.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

अगले तीन घंटे भी भारी बारिश का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन घंटों में ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य जनपदों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी है।

2 सितंबर को भी बिगड़ा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 सितंबर को नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य जनपदों में भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की सक्रियता को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

सरयू और गौला नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार हो रही बारिश से बागेश्वर में सरयू नदी उफान पर है, जबकि नैनीताल जिले में गौला नदी भी तेज बहाव के साथ बह रही है। प्रदेश की अन्य नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान घरों के भीतर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

हल्द्वानी में अधिकारियों ने लिया जायजा
भारी बारिश के बीच उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका और तहसीलदार कुलदीप पांडे ने मंगलवार को तहसील क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और जलभराव संभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा और कुसुमखेड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान गौला नदी के जलस्तर की स्थिति देखी गई और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर यातायात और आवागमन सुचारू रखने तथा जल निकासी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।

स्थानीय लोगों से नदी-नालों के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों को इनसे दूर रखने की अपील की गई। उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

सात जिलों में 2 सितंबर को स्कूल बंद
भारी बारिश और 2 सितंबर के मौसम अलर्ट को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सात जिलों में 2 सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने की घोषणा की गई है। चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, उत्तरकाशी और ऊधम सिंह नगर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति, लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यह निर्णय लिया है। संबंधित अधिकारियों को सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ जिलों में छात्रहित को ध्यान में रखते हुए शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अगले 24 घंटे सतर्क रहने की अपील
उत्तराखंड में अगले 24 घंटे मौसम की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रखा गया है। लोगों से नदी-नालों, गदेरों और अन्य संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी है।

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