उत्तराखंड में 22 साल बाद चारधाम यात्रियों को बड़ी राहत, रुद्रप्रयाग बाईपास खुला, जाम से मिला छुटकारा………..

रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना का लंबा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। करीब 22 वर्षों से प्रतीक्षित इस परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने के बाद बाईपास पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।

गत दिवस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरीक्षण के बाद इसे आम लोगों के लिए फिलहाल खोल दिया गया। हालांकि, परियोजना का विधिवत उद्घाटन नवंबर में होने की संभावना है। इसके लिए 14 नवंबर की तिथि चर्चा में है।

बाईपास शुरू होने से रुद्रप्रयाग नगर को चारधाम यात्रा के दौरान लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसका लाभ रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के लोगों के साथ ही केदारनाथ और बदरीनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा।

अब श्रीनगर की ओर से बदरीनाथ और केदारनाथ की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे नगर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी।

बाईपास परियोजना के दूसरे चरण के तहत करीब 900.20 मीटर लंबी सुरंग और अलकनंदा नदी पर लगभग 190 मीटर लंबे मोटर पुल का निर्माण किया गया है। सुरंग के भीतर सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था, वेंटिलेशन, सुरक्षा उपकरणों सहित अन्य जरूरी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

पुल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इसके साथ ही पुल की लोड टेस्टिंग और अन्य आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी संपन्न करा दी गई हैं। सभी जरूरी कार्य पूरे होने के बाद अब इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।

लगातार खिसकती रही निर्माण की समयसीमा
रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना को पूरा होने में निर्धारित समय से काफी अधिक वक्त लगा। वर्ष 2003-04 में केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के पहले चरण का कार्य पूरा हुआ, जिसके तहत 3.25 किमी लंबे हाईवे के साथ ही अलकनंदा व मंदाकिनी नदी पर एक-एक पुल निर्माण किया गया। हालांकि प्रथम चरण का कार्य पूरा होने में सात वर्ष से अधिक समय लग गया, दूसरे चरण के लिए बजट स्वीकृत न होने के कारण यह लंबे समय तक अधर में लटकी रही।

वर्ष 2021 में दूसरे चरण को मंजूरी मिलने के बाद दिसंबर 2022 में करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू हुआ। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए पहले वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा से पूर्व का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद सितंबर 2025, वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा से पहले और फिर 15 अगस्त 2026 तक बाईपास खोलने की समयसीमा निर्धारित की गई। बाद में विभाग ने 31 अगस्त 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया। लगातार समयसीमा आगे बढ़ने के बाद अब आखिरकार परियोजना का निर्माण पूरा हो गया है।

डीएम भी करते रहे निगरानी
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा भी बाईपास परियोजना के निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करते रहे। उन्होंने समय-समय पर निर्माण स्थल का निरीक्षण कर संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्माण में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन की निगरानी के बीच निर्माण कार्य में तेजी आई और अब परियोजना वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई है।

शहर के भीतर घटेगा यातायात का दबाव
चारधाम यात्रा सीजन में बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले वाहनों का भारी दबाव रुद्रप्रयाग नगर के भीतर रहता है। इसके चलते मुख्य बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बार घंटों जाम की स्थिति बन जाती है। बाईपास शुरू होने से बाहरी यातायात को शहर से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को राहत मिलने के साथ यात्रा मार्ग पर यातायात भी सुचारू रह सकेगा।

रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद सुरंग और पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। हालांकि, परियोजना का विधिवत उद्घाटन नवंबर में किया जाएगा। :ओमकार पांडे, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *