उत्तराखंड के हरिद्वार में नए सॉफ्टवेयर से बने 10 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड, बनेंगे स्मार्ट राशन कार्ड………

देहरादून: प्रदेश में राशन कार्ड बनाने के लिए नए सॉफ्टवेयर पर स्थानांतरण के दौरान करीब दो माह तक प्रक्रिया प्रभावित रही। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा के तृतीय सत्र में विधायक उमेश कुमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार की स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत राशन कार्ड प्रबंधन के लिए नया एकीकृत सॉफ्टवेयर यूआरसीएमएस लागू किया गया है।

नए सिस्टम में चली स्थानांतरण की प्रक्रिया
पुराने आरसीएमएस सॉफ्टवेयर से नए सिस्टम में स्थानांतरण की प्रक्रिया 26 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक चली। इसमें डाटा माइग्रेशन, यूजर क्रिएशन, भूमिका आवंटन, प्रशिक्षण और परीक्षण जैसे कार्य किए गए। मई 2026 से नए सॉफ्टवेयर पर नियमित काम शुरू हो गया है।

मंत्री ने बताया कि एक मई से सात अक्टूबर 2026 तक नए राशन कार्ड बनाने और राशन कार्ड में यूनिट जोड़ने व घटाने का काम किया गया। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड और आधार कार्ड मुख्य दस्तावेज हैं।

खाद्य विभाग ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को एपीआई के माध्यम से राशन कार्ड के डाटा का पूरा एक्सेस उपलब्ध कराया है। हरिद्वार जिले में अब तक 10,89,163 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पात्र लोग राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से कार्ड बनवा सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड के लिए आनलाइन सुविधा
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पात्र लाभार्थी https://beneficiary.nha.gov.in/ पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी जन सेवा केंद्र की मदद भी ली जा सकती है। सरकार ने हरिद्वार के छूटे हुए पात्र नागरिकों के कार्ड जारी करने की कोई निश्चित समयसीमा उत्तर में नहीं बताई।

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग खेल नीति पर काम
विधायक उमेश कुमार ने दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के लिए अलग खेल नीति बनाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश सरकार दिव्यांग खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समर्पित नीति लाएगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने उत्तर दिया कि राज्य की नई खेल नीति बनाने की कार्यवाही गतिमान है। हालांकि, सरकार ने इसे लागू करने की निश्चित समयसीमा नहीं बताई।

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