उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन से लौटेगी रौनक, नीती-माणा और जादूंग की बदलेगी तस्वीर…….
देहरादून: उत्तराखंड के सीमांत गांवों को पलायन के दंश से मुक्त कर उन्हें फिर से आबाद करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम उठा रही है। अंतिम गांवों को देश का प्रथम गांव मानने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप अब इन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।
यहां बुनियादी सुविधाएं जुटाने और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी कड़ी में 102.70 करोड़ रुपये की लागत वाली योजनाओं से टिम्मरसैंण, माणा व जादूंग की तस्वीर बदलने की तैयारी है।
नीती घाटी के होम स्टे में अब 650 कक्ष
चमोली जिले की नीती घाटी में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से 31 मई से दो जून तक एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन आयोजित की जा रही है। इसके पीछे मंशा इस सीमांत क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के नक्शे में लाकर वहां जनभागीदारी से बुनियादी सुविधाएं जुटाना है। इसके परिणाम दिखने भी लगे हैं।
चार माह पहले जब नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन की घोषणा हुई, तब यहां पंजीकृत होम स्टे में कक्षों की संख्या मात्र 35 थी। अब यह बढ़कर 650 हो गई है।
टिम्मरसैंण में बुनियादी सुविधाओं का विकास
नीती घाटी में ही स्थित टिम्मरसैंण महादेव को टूरिज्म डेस्टिनेशन प्लान के अंतर्गत संवारा जा रहा है। इसके तहत वहां 26.85 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत कर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। टिम्मरसैंण गुफा में भी अमरनाथ की तर्ज पर बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। बुनियादी सुविधाएं बढ़ने से वहां न सिर्फ यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय आर्थिकी भी मजबूत होगी।
जादूंग का होगा कायाकल्प, माणा के लिए बजट मंजूर
उत्तरकाशी जिले में जनविहीन सीमांत गांव जादूंग को दोबारा जीवंत किया जा रहा है। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली कराए गए इस गांव में डेस्टिनेशन मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण में 14 भवनों का जीर्णोद्धार हो रहा है। इसके लिए 19.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह गांव वाइब्रेंट विलेज में भी शामिल है।
वहीं, चमोली जिले में स्थित देश के प्रथम गांव माणा के पर्यटन विकास की योजना को हरी झंडी दी गई है। इसके तहत माणा में बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने को 56.16 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन विकास को गति देकर इन्हें जीवंत बनाने को गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य इन क्षेत्रों को स्थायी पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है। -धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन।

