पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड में 15-16 अक्टूबर को बारिश-ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट……….
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज रात से ही पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 15 और 16 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने दोनों दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम में बदलाव का असर पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। वहीं, 17 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम में सुधार होने की संभावना है। हालांकि उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 19 और 20 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
आज का मौसम: पहाड़ों में रात से बदल सकता है मिजाज
बुधवार, 14 अक्टूबर को उत्तराखंड के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 3,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।
प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पर्वतीय इलाकों में रात के समय मौसम में बदलाव महसूस किया जा सकता है। इसके बाद 15 और 16 अक्टूबर को इसका असर अधिक व्यापक होने का अनुमान है।
15 अक्टूबर का मौसम: 11 जिलों में येलो अलर्ट
गुरुवार, 15 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बढ़ने के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में 3,500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों में रहने से बचना चाहिए।
16 अक्टूबर का मौसम: इन जिलों में भी अलर्ट
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भी प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है।
इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। शेष जिलों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर को भी कुछ जिलों में येलो अलर्ट के अनुरूप सतर्कता बरतने की जरूरत रहेगी।
17 से 20 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार, 17 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे राहत की ओर बढ़ सकता है। हालांकि उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
रविवार, 18 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
इसके बाद 19 और 20 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। यानी 15 और 16 अक्टूबर के दौरान मौसम की सक्रियता के बाद सप्ताहांत से अधिकांश क्षेत्रों में राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश-बर्फबारी से गिरेगा तापमान, बढ़ेगी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे पर्वतीय इलाकों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होने लगेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के साप्ताहिक तापमान आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2,000 मीटर ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में औसत अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ये तापमान सामान्य से क्रमशः 1.2 डिग्री और 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक हैं।
वहीं, मैदानी क्षेत्रों में साप्ताहिक औसत अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। औसत न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम है।
इन आंकड़ों के बीच आगामी बारिश और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि वास्तविक गिरावट की मात्रा जिले, ऊंचाई और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी, सतर्क रहें लोग
15 और 16 अक्टूबर को आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर संरचनाओं और असुरक्षित स्थानों से दूर रहें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में 14 अक्टूबर की रात से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। 15 और 16 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है, जबकि 17 अक्टूबर से राहत मिलने और 19-20 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड का असर बढ़ सकता है।आधिकारिक स्रोत: मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून — भारतीय मौसम विज्ञान विभाग

