उत्तराखंड के चारधाम यात्रा 2026 में एक माह में छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के दर्शन……..
उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा 2026 का पहला माह सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। 19 अप्रैल 2026 से शुरू हुई यात्रा के दौरान अब तक श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में कुल 6,11,050 श्रद्धालुओं ने मां गंगा एवं मां यमुना के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया है। यात्रा के प्रारंभिक चरण से ही श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और दोनों धामों में आस्था, श्रद्धा एवं उत्साह का अद्भुत वातावरण बना हुआ है।
जिला प्रशासन एवं उत्तरकाशी पुलिस की ओर से यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यात्रा संचालन सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार 19 अप्रैल से 20 मई 2026 तक श्री यमुनोत्री धाम में 3,08,456 तथा श्री गंगोत्री धाम में 3,02,594 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कुल यात्रियों में 3,22,778 पुरुष, 2,73,447 महिलाएं एवं 14,825 बच्चे शामिल रहे। इस दौरान 59,877 वाहनों का आवागमन भी दर्ज किया गया, जिनमें 15,070 बड़े तथा 44,807 छोटे वाहन शामिल हैं।
यमुनोत्री पैदल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, फायर सर्विस एवं अन्य विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। बेहतर व्यवस्थाओं के चलते देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं।
‘सुरक्षा, सुविधा एवं सम्मान’ की भावना के साथ उत्तरकाशी पुलिस के जवान लगातार तीर्थयात्रियों की सेवा में जुटे हैं। यात्रा अवधि के दौरान पुलिस द्वारा 11 तीर्थयात्रियों को मेडिकल सहायता प्रदान की गई, 12 खोए हुए मोबाइल फोन तथा 11 बैग एवं पर्स उनके स्वामियों को लौटाए गए। इसके अलावा मानवीय पहल दिखाते हुए 600 से अधिक दिव्यांग एवं शारीरिक रूप से अक्षम श्रद्धालुओं को यात्रा एवं दर्शन कराने में सहयोग प्रदान किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गंगोत्री एवं यमुनोत्री यात्रा क्षेत्र को दो सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के चार अधिकारियों सहित पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी, एसडीआरएफ, होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। दोनों धामों में बीडीएस, एटीएस एवं क्यूआरटी टीमें भी सक्रिय हैं।
संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और सुरक्षा जांच के लिए धाम क्षेत्रों में छह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) तथा 30 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) लगाए गए हैं। यात्रा मार्ग के बॉटल नेक प्वाइंट, लैंडस्लाइड जोन, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों एवं ब्लैक स्पॉट्स पर पुलिस, एसडीआरएफ, फायर एवं आपदा प्रबंधन टीमें लगातार तैनात हैं।
यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए 200 सीसीटीवी कैमरे और तीन ड्रोन सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु 43 मोटरसाइकिलें, दो इंटरसेप्टर वाहन, चार हाईवे पेट्रोल यूनिट तथा दो क्रेन 24 घंटे भ्रमणशील रखी गई हैं। साथ ही चार सीपीयू हॉक टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं।
श्रद्धालुओं की सहायता और मार्गदर्शन के लिए 12 टूरिस्ट पुलिस केंद्र तथा हीना और दोबाटा में दो बायोमैट्रिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। 18 हॉल्टिंग प्वाइंट्स पर लगाए गए पीए सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को नियमित रूप से आवश्यक सूचनाएं एवं दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
धाम क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। चोरी एवं जेबकतरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पिक पॉकेट टीमें सक्रिय हैं, जबकि यात्रा मार्गों एवं सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए एंटी एक्सटॉर्शन टीमों का गठन किया गया है।
उत्तरकाशी पुलिस एवं जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सहयोग बनाए रखने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि चारधाम यात्रा 2026 सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संचालित होती रहे।

