उत्तराखंड में पर्वतीय जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी ,जानिए कब तक बिगड़े रहेंगे हालात…………
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने बृहस्पतिवार के लिए राज्य के कई पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कई स्थानों पर तेज वर्षा के तीव्र दौर, गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और अचानक मौसम खराब होने की संभावना है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार:बागेश्वर,नैनीताल,चंपावत,पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज बारिश और गरज-चमक के दौर देखने को मिल सकते हैं।
मानसून में आएगी और तेजी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर सहित कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त तक पूरे उत्तराखंड में मौसम का मिजाज खराब बना रह सकता है। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान:अनावश्यक यात्रा से बचें,नदी-नालों और गदेरे के किनारे न जाएं,पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखें,और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर रखें।
विशेष रूप से पर्वतीय जिलों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और रात के समय यात्रा न करने की अपील की गई है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
लगातार बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सड़क, बिजली, जल संस्थान और राहत एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 48 से 72 घंटों में भारी बारिश का दौर जारी रहता है, तो कई पर्वतीय मार्ग प्रभावित हो सकते हैं और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को अफवाहों से बचते हुए केवल मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।
उत्तराखंड में मानसून की यह सक्रियता अगले कुछ दिनों तक चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है, इसलिए विशेषकर बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

