उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, कई जिलों में सड़कें बंद तो वहीं पिथौरागढ़ में स्कूलों की छुट्टी……..
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है. पिथौरागढ़ में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं, जबकि चमोली में 23 सड़कें अब भी बाधित हैं. अलकनंदा और धौलीगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. कई जिलों में सड़कें बंद हैं, नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, कई जिलों में सड़कें बंद
हरादून-बागेश्वर समेत कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी, स्कूल बंद, चारधाम यात्रा पर ब्रेक।
पिथौरागढ़ में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पिथौरागढ़ जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
चमोली में 23 सड़कें अब भी बंद
चमोली जिले में लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिले में बारिश के बाद 23 सड़कें अभी भी बाधित हैं. कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है. हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु बताया जा रहा है।
अलकनंदा और धौलीगंगा का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के चलते चमोली में अलकनंदा और धौलीगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
अल्मोड़ा में ग्रामीण सड़कें बंद, कई गांवों की बिजली गुल
अल्मोड़ा जिले में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. जिले की दर्जनभर ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं. वहीं, जागेश्वर क्षेत्र के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम की गंभीर चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और बागेश्वर जैसे जनपदों में अत्यंत तीव्र बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. राजधानी देहरादून, धार्मिक नगरी हरिद्वार और पहाड़ी जिले टिहरी के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है, जबकि प्रदेश के बाकी सभी जनपदों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर
मौसम की इस भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गया है. गढ़वाल मंडल के कमिश्नर ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक और पवित्र चारधाम यात्रा को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है. लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण राज्य भर में लगभग 162 प्रमुख सड़कें पूरी तरह से बाधित हो गई हैं. प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और किसी भी खतरनाक या नदी-नाले वाले इलाके में जाने से पूरी तरह बचें।
उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी-
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार 21 जुलाई को राज्य के लगभग सभी स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन और बिजली चमकने की प्रबल संभावना है. विशेष रूप से बागेश्वर और देहरादून जनपदों में कहीं-कहीं अत्यंत तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर आ सकते हैं, जिसके चलते आकाशीय बिजली चमकने और अचानक बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है. बागेश्वर जिले में बिगड़ते मौसम और भारी बारिश की गंभीर चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है. बागेश्वर में 21 जुलाई को भी सभी सरकारी व गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों (स्कूलों) तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है
उत्तराखंड में आज और कल भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’
इसके अलावा, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. पिछले 24 घंटों की बात करें तो उधमसिंह नगर का किच्छा इलाका बारिश का मुख्य केंद्र बना रहा, जहां रिकॉर्ड 130 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं राजधानी देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में 103 मिमी और हाथीबड़कला में 95 मिमी बारिश दर्ज हुई. मैदानी क्षेत्रों में जहां तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है, वहीं लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडक और नमी बढ़ गई है।
चमोली जनपद में तमक नाला उफान पर, ऑरेंज अलर्ट के बीच मूसलाधार आफत।
चमोली जनपद में कुदरत का शिकंजा कसता जा रहा है. जिले में फिर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही की आहट दे दी है. मौसम विभाग ने चमोली जिले के लिए विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जिले के रुद्रनाथ, पोखरी, गोपेश्वर, पीपलकोटी, देवाल, थराली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है. लगातार हो रही बारिश के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण ‘नीति घाटी’ में स्थित तमक नाला एक बार फिर प्रचंड उफान पर आ गया है. जलस्तर में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में डर और दहशत का माहौल व्याप्त है. बता दें, पिछले वर्ष भी इसी तमक नाले ने भीषण तबाही मचाई थी और भारी नुकसान पहुंचाया था।
मसूरी के झाड़ीपानी में लैंडस्लाइड, देहरादून-मसूरी मार्ग एहतियातन बंद-
पहाड़ों की रानी मसूरी में भी मानसूनी बारिश ने आफत खड़ी कर दी है. बारिश के कारण मसूरी के झाड़ीपानी क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक लैंडस्लाइड शुरू हो गया है. सड़क के एक तरफ से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और ट्रैफिक को डाइवर्ट कर दिया है. स्लाइडिंग ज़ोन में गाड़ियों की आवाजाही को वन-वे किया गया है और पीडब्ल्यूडी की टीमों द्वारा पहाड़ की तरफ से कटान कार्य शुरू कर दिया गया है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग को अगले आदेश तक के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश भर में 162 सड़कें ठप, मार्ग खोलने के लिए 600 से अधिक मशीनें तैनात-
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. पिछले 24 घंटों में राज्य भर की कुल 162 सड़कें पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं. लोनिवि और लोक निर्माण विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली PMGSY की 126 सड़कों को पहुंचा है. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी (PWD) की 36 सड़कें और सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाली BRO की 1 सड़क भी मलबे की वजह से ब्लॉक पड़ी हुई है. लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के लिए प्रदेश भर में 600 से अधिक जेसीबी और डोजर जैसी मशीनें तैनात की हैं. हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश और गिरते पत्थरों के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक, गढ़वाल कमिश्नर ने यात्रियों से की सुरक्षित रहने की अपील-
लगातार हो रही भारी बारिश और जगह-जगह हो रहे लैंडस्लाइड को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है. गढ़वाल कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को फिलहाल रोक दिया है. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन का गंभीर खतरा बना हुआ है. डेढ़ सौ से अधिक सड़कें बंद होने के कारण हज़ारों यात्री रास्ते में जगह-जगह फंसे हुए हैं. प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों, होटलों या रैन बसेरों में रुके रहें. मौसम सामान्य होने और रास्ते पूरी तरह साफ होने के बाद ही अपनी यात्रा आगे शुरू करें।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान (22 से 24 जुलाई)
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. आगामी दिनों का पूर्वानुमान इस प्रकार है:
22 जुलाई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान है. राज्य के सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर जारी रहेंगे।
23 जुलाई: बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी।
24 जुलाई: राजधानी देहरादून और नैनीताल जिलों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

