उत्तराखंड में यहाँ तंबाकू की फर्म पर GST का छापा, बिना बिल वाले 17 लाख के माल पर देना होगा 45 लाख जुर्माना….

 

हरिद्वार : हरिद्वार में जीएसटी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच की टीम ने तंबाकू कारोबारी की फर्म पर छापेमारी की है. टीम ने 17 लाख रुपए के तंबाकू को सीज कर दिया है. कारोबारी को करीब 45 लाख का जुर्माना भरना पड़ेगा, तभी उसे माल वापस मिलेगा।

 

ज्वालापुर क्षेत्र में टैक्स चोरी कर सरकार को लाखों का चूना लगाने वाले तंबाकू कारोबारी पर जीएसटी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच की टीम ने छापेमारी के दौरान बिना टैक्स भुगतान कर मंगाया गया माल पकड़ा है. टीम ने करीब चार घंटे की कारवाई के बाद इस माल को सीज कर अपने कब्जे में ले लिया है।

दरअसल, ज्वालापुर के मोहल्ला चौहाना में दीपक सेल नाम की एक बड़ी तंबाकू कारोबारी का फर्म है. जीएसटी विभाग की एसआईबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) को बीते कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि इस फर्म में लाखों रुपए का बिना बिल का माल सप्लाई किया जा रहा है. इस गुप्त सूचना के आधार पर एसआईबी की ज्वाइंट कमिश्नर सुनीता पांडे और डिप्टी ​कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा ने टीम के साथ छापेमारी की। तंबाकू कारोबारी की फर्म पर छापेमारी. छापेमारी के दौरान गोदाम से बिना बिल के सफल तंबाकू के 115 बोरे मिले हैं. जिसकी बाजारी कीमत करीब 17 लाख रुपए है. फर्म स्वामी पकड़े गए इस माल के कोई बिल या उसपर किए गए कर भुगतान का कागज पेश नहीं कर पाया. जिसके बाद टीम ने इस माल को जब्त कर सीज कर दिया है।

करीब 45 लाख की लगेगी पेनल्टी: विभाग की ओर से पकड़े गए इस माल की कीमत भले ही 17 लाख हो, लेकिन इस पर 100 प्रतिशत पेनल्टी, टैक्स व सेस जोड़कर करीब 43 लाख का भुगतान करने पर ही व्यापारी अपना माल छुड़वा पाएगा।

छापेमारी की भनक पर कारोबारी गायबः व्यापारी के गोदाम में कुछ माल का बिल भी मिला है. माचिस, गुटखा आदि कुछ कार्टून का माल ई वे बिल पर मंगवाया गया था. जिस कारण इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं, एसआईबी की इस छापेमारी की खबर जैसे ही ज्वालापुर एवं हरिद्वार के तंबाकू कारोबारियों को लगी, उनमें भी हड़कंप मच गया. कई व्यापारी अपनी दुकानों को बंद कर गायब हो गए.सुबह 6 बजे से लगी थी टीम: कर चोरी के इस माल को पकड़ने के लिए एसआईबी की यह विशेष टीम सुबह छह बजे से ज्वापपुर के मोहल्ला चौहाना में डेरा डाले बैठी हुई थी. दुकान सुबह नौ बजे जैसे ही खुली टीम ने छापा मार दिया. करीब चार घंटे चली छापेमारी के बाद टीम ने कर चोरी कर लाए गए माल की डिटेल तैयार कर उसे जब्त कर लिया।

बोगस फर्मों पर निगाह: एसआईबी (Special Investigation Branch) की निगाह क्षेत्र की कई बोगस फर्मों पर भी है, जो सिर्फ आईटीसी का लाभ लेने के लिए ही बनाई गई हैं. वास्तव में ये फर्म सिर्फ कागजों पर बनाई जाती हैं, जबकि हकीकत में यह कोई व्यापार ही नहीं करती। आईटीसी का लाभ लेने के बाद इन फर्मों को बंद कर दिया जाता है. विशेष तौर पर लोहे का काम करने वाली ऐसी चार फर्म पकड़ में आ चुकी हैं, जिन्होंने करीब पांच करोड़ का काम किया हुआ है, पर टैक्स नहीं दिया।

क्या कहते हैं अधिकारी: एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि टीम को व्यापारिक प्रतिष्ठान से करीब 17 लाख रुपए का ऐसा गुटखा मिला है, जिस पर कर का भुगतान नहीं किया गया था. कर चोरी के इस माल पर विभाग अब शत-प्रतिशत पेनल्टी एवं टैक्स लगाएगा. जिसके बाद व्यापारी को अब माल छुड़ाने के लिए करीब ₹45 लाख रुपए विभाग में जमा कराने होंगे। उसके बाद ही पकड़ा गया माल छूट पाएगा।

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