उत्तराखंड में आसमान से बरस रही आग के बीच IMD ने दी राहत की तारीख, इस दिन से बारिश……..

देहरादून: उत्तराखंड में आसमान से आग बरस रही है। 18 और 19 मई तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। 20 मई से पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान से बरस रही आग के कारण मैदानी क्षेत्रों में पारा लगातार चढ़ रहा है। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 और 19 मई को गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। हालांकि 20 मई से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

अगले पांच दिन में 3 डिग्री पारा बढ़ेगा
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में इसमें आंशिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। उन्होंने संभावना जताई कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। उधर, मैदानी इलाकों में सुबह से ही तीखी धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है।

20 मई से बदलेगा मौसम
18 मई से 23 मई तक मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 20 मई से 23 मई के बीच कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश, गर्जन और 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 20 और 21 मई को पर्वतीय जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

हल्द्वानी में नौ दिन में आठ डिग्री बढ़ा पारा
हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। मई के तीसरे हफ्ते में सूरज की तीखी किरणों से तापमान धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। पिछले नौ दिनों के भीतर हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुबह से लेकर शाम तक पड़ रही कड़ी धूप लोगों के पसीने छुड़ा रही है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते नौ मई को जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 17 मई को यह बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश तेजी से बढ़ी है। वातावरण में नौ दिन में नमी का ग्राफ 31 से गिरकर महज 14 प्रतिशत रह गया है। जिससे सूखी गर्मी लोगों को और ज्यादा परेशान कर रही है। नमी कम होने के कारण जंगलों में आग (वनाग्नि) का खतरा भी काफी बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मैदानी इलाकों में तापमान अभी और बढ़ेगा।

नैनीताल में तेज धूप ने बढ़ाई तपिश
नैनीताल। बीते दिनों लगातार हो रही बारिश से शहर का तापमान अचानक कम हुआ था। सुबह और शाम को ठंड में खासा बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन अब एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। दिनभर तेज धूप की तपिश से लोग परेशान हैं। कुछ दिनों पहले गर्म कपड़े पहन रहे लोग अब गर्मी से बचने को पंखा चला रहे हैं। सरोवर नगरी नैनीताल में रविवार को दिनभर तेज धूप खिली रही। सुबह से ही मौसम साफ रहने के कारण दोपहर होते-होते गर्मी का असर काफी बढ़ गया। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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