उत्तराखंड में टिहरी झील घटना के बाद उत्तराखंड सरकार सतर्क, पर्यटन सुरक्षा के लिए बनेगी नई एसओपी…….
देहरादून: टिहरी झील में फ्लोटिंग हट की घटना के बाद सरकार सतर्क हो गई है, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे और अब टिहरी जलविद्युत परियोजना की झील में डोबरा-चांठी के पास फ्लोटिंग हट की घटना के बाद सरकार सतर्क हो गई है।
शुक्र है कि टिहरी झील की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गंभीरता से कदम उठाए जाएंगे।
इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पर्यटन विभाग को जल्द से जल्द मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) बनाने को कहा है।
इसमें सुरक्षा मानकों को कठोर करने के साथ ही जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टिहरी झील में हुई घटना के बारे में रविवार को टिहरी के जिलाधिकारी से पूरा ब्योरा लिया। साथ ही प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। तत्पश्चात वहां जांच कमेटी गठित कर दी गई।
इसके साथ ही कमेटी को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या-क्या सुरक्षा मानक अथवा कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर भी वह सुझाव देना सुनिश्चित करे।
मुख्य सचिव के अनुसार उन्होंने इस घटना के आलोक में पर्यटन विभाग के उच्चाधिकारियों से भी बातचीत की।
साथ ही निर्देश दिए कि टिहरी झील समेत राज्य में जिन भी जलाशयों में फ्लोटिंग हट के साथ ही साहसिक पर्यटन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, उनके लिए समग्र एसओपी तैयार की जाए। इसमें आपदा प्रबंधन समेत अन्य विभागों की मदद भी ली जाएगी।

