उत्तराखंड में मसूरी के जाम से मिलेगी मुक्ति: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने के दिए निर्देश………

नैनीताल: हाई कोर्ट ने पर्यटन सीजन में राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी शहर की विभिन्न सड़कों पर अवैध तरीके से वाहन पार्क करने के बाद लगने वाले जाम से निजात दिलाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की याचिका निस्तारित करते हुए मुख्य सचिव को दो सप्ताह के भीतर सचिव शहरी विकास, सचिव पर्यटन और सचिव गृह की उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।

कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ सचिव करेंगे। कमेटी आठ सप्ताह के भीतर जाम से निजात दिलाए जाने के संबंध में कार्य कार्य करेगी। समाधान मिलने के बाद जन सुनवाई करने के लिए विज्ञापन जारी करेगी।

जन सुनवाई में याचिकाकर्ता के साथ साथ मसूरी के चिकित्सक, शिक्षक, होटल एसोसिएशन के सदस्य, कैब के सदस्य, छात्र, स्थानीय निवासी व आम लोगों की बैठक बुलाएगी। बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा उसे राज्य सरकार को भेजेगी और राज्य सरकार उस पर एक्शन लेगी। मसूरी निवासी प्रवेश पंत ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि मसूरी में घूमने के लिए देश- विदेश से पर्यटक घूमने आते है।

यातायात जाम की स्थिति को देखकर मसूरी की पहचान धूमिल हो रही है। साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को जाम का सामना करना पड़ता है। जाम लगने से सभी का समय बर्बाद होता है। जाम लगने से मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस, स्कूल के बच्चों ,नौकरी पेशा वाले लोगो को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वह समय पर अपने स्थानों में नहीं पहुंच पा रहे है जबकि यहां पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी और आईटीबीपी स्थित है।

जनहित याचिका में आगे कहा गया है कि जाम लगने का मुख्य कारण पार्किंग विहीन होटल और होम स्टे है। पार्किंग न होने की वजह से अपने वाहन सड़क के किनारों पर खड़ा कर देते है। दूसरा मुख्य कारण यह भी है कि नगर पालिका की ओर से अपनी स्वामित्व वाली सड़कों पर पार्किंग का संचालन किया जा रहा है।

जाम लगने वाले मुख्य मार्ग पिक्चर पैलेस से सिविल अस्पताल मार्ग , लंढौर से घंटाघर मार्ग, घंटाघर से वाईन वर्ग ऐलन मार्ग, पिक्चर पैलेस से नगर पालिका मार्ग, कैमल बैक रोड से मॉल रोड , लाइब्रेरी चौक, लाइब्रेरी चौक से आईटीबीपी रोड, लाइब्रेरी से जीरो पॉइंट झीडापानी मार्ग हैं।

जाम से निजात दिलाए जाने के लिए सचिव शहरी विकास, आईजी यातायात, जिलाधिकारी, एसएसपी, कोतवाली, पालिका के अधिशासी अधिकारी को प्रत्यावेदन दिया लेकिन जाम से निजात नहीं मिल पाई और समस्या समय समय पर बढ़ती ही जा रहा है।

याचिका में यह भी कहा गया कि मसूरी की मल्टी स्टोरी पार्किंग तो खाली पड़ी है लेकिन वाहन सड़कों के किनारे पार्क किये हुए है।

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