उत्तराखंड में ऑरेंज-यलो अलर्ट के बीच मूसलाधार बारिश, 300 घर जलमग्न, कई सड़कें बंद……..
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित कर दिया है। खासकर कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भारी बारिश के चलते सड़कें बंद होने, जलभराव और नदियों के उफान पर आने की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सोमवार को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को उत्तराखंड के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के तेज दौर की संभावना जताई गई है। केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे मानसून की गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं और कुमाऊं मंडल के जिलों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है।
सुबह के तात्कालिक पूर्वानुमान में चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से 7 सितंबर की सुबह जारी तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान में नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र दौर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में कहीं-कहीं भारी बारिश और वर्षा के तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज वाले बादल विकसित होने तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
गूलरभोज में 139 मिमी बारिश, कुमाऊं में मूसलाधार बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान ऊधम सिंह नगर के गूलरभोज में सबसे अधिक 139 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा नैनीताल जिले के चोरगलिया में 71 मिलीमीटर और चंपावत जिले के बनबसा में 65.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का असर देखने को मिला।
लगातार बारिश से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ऊधम सिंह नगर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है, जिसके बाद प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
ऊधम सिंह नगर में बारिश से बिगड़े हालात, प्रशासन ने संभाला मोर्चा।
जिले में भारी बारिश के बाद जसपुर, बाजपुर और गदरपुर में जलभराव की सूचना पर अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह और डॉ. अमृता शर्मा समेत तहसील स्तर की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।
उफनती फीका नदी में फंसे दो बच्चों का रेस्क्यू
जसपुर के ग्राम हजीरों में फीका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से विद्यालय जा रहे दो बच्चे नदी पार नहीं कर सके। सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और 14 वर्षीय निमरत कौर तथा 15 वर्षीय अवतार सिंह को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जसपुर की स्थिति सामान्य है।
बाजपुर में 300 घर प्रभावित, लेवड़ा नदी उफान पर
बाजपुर तहसील के चकरपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने से इंदिरा कॉलोनी, खमरिया, यादव कॉलोनी, झारखंडी और गोबरा के रिहाइशी इलाकों में पानी घुस गया। इससे करीब 300 आवासीय घर प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से जल निकासी का काम कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। अपर जिलाधिकारी ने राजस्व टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
गूलरभोज में घुटनों तक पानी, 40 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
गदरपुर तहसील के गूलरभोज क्षेत्र के वार्ड संख्या 1, 4, 5, 6 और 7 में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
उप जिलाधिकारी गदरपुर ने राजस्व टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। करीब 40 परिवारों के 100 से 150 लोगों को नगर पंचायत गूलरभोज और जनसमुदाय भवन में शिफ्ट कराया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
पिथौरागढ़ में 23 रास्ते बंद, चीन सीमा क्षेत्र का संपर्क तीसरे दिन भी प्रभावित
पिथौरागढ़ में रात से बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण जिले में 23 रास्ते बंद होने की सूचना है। चीन सीमा क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था तीसरे दिन भी प्रभावित रही। मूनाकोट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण भी मार्ग बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
चंपावत और अल्मोड़ा में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है।
चंपावत में NH-309A समेत चार मार्ग बंद
चंपावत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की 7 सितंबर सुबह 6:45 बजे की रिपोर्ट के अनुसार जिले में हल्की बारिश हो रही है और फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई है। चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, टनकपुर और बनबसा में हल्की बारिश दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार NH-309A पर घाट-पनार के बीच एक मार्ग अवरुद्ध है। इसके अलावा एक सीमांत मोटर मार्ग और दो ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हैं, जबकि अन्य मोटर मार्गों पर यातायात सुचारू बताया गया है। विद्युत और पेयजल आपूर्ति भी सुचारू है।
पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे और चमोली में भी सड़कें प्रभावित
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबे से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे समेत कई मार्गों पर आवाजाही बाधित होने की सूचना है। चमोली जिले में भी 19 सड़कें बंद बताई गई हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने का काम किया जा रहा है।
बदरीनाथ-हेमकुंड की चोटियों पर बर्फबारी, ठंड लौटी
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ मौसम ने करवट ली है। बदरीनाथ और हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर बढ़ गया है। लगातार बारिश के चलते पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में सामान्य से गिरावट दर्ज की गई है।
बाजपुर में स्टेट हाईवे पर पानी, वाहनों की आवाजाही प्रभावित
बाजपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी के उफान पर आने के बाद पानी सड़क तक पहुंच गया। हल्द्वानी स्टेट हाईवे-13 पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। सड़क पर पानी जमा होने के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही सुरक्षा के मद्देनजर रोकी गई और दोनों ओर वाहनों की कतार लगने की सूचना है।
हल्द्वानी में सुबह से मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बारिश का दौर जारी है। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते शहरी क्षेत्रों में कई जगह यातायात भी प्रभावित हुआ है।
नैनीताल के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण मिट्टी धंसने और नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। इसी मौसमीय परिस्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जिले में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने से महाराष्ट्र की महिला तीर्थयात्री की मौत।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की 60 वर्षीय महिला तीर्थयात्री मंगल अपाराव सिंधे की मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार रविवार सुबह महाराष्ट्र से आए यात्री गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चीरबासा के पास अचानक पत्थर गिरने लगे और महिला इसकी चपेट में आ गईं।
हादसे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने यात्रियों की आवाजाही रोक दी। करीब तीन घंटे बाद मार्ग से मलबा और पत्थर हटाए जाने के बाद यात्रा दोबारा शुरू की गई।
रामनगर में चलती मैक्स पर गिरा पेड़
रामनगर के ढिकुली क्षेत्र में यात्रियों से भरी चलती मैक्स वाहन पर पेड़ गिर गया। हादसे में चालक घायल हुआ, जबकि वाहन में सवार अन्य यात्री सुरक्षित बताए गए हैं।
वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने से प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित जोन से दूर रहने की अपील की है।
मौसम का असर लगातार बढ़ा
उत्तराखंड में सक्रिय मानसूनी गतिविधियों के बीच अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने जहां कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है। फिलहाल कुमाऊं मंडल में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।

