उत्तराखंड में मिशन 2027 की तैयारी तेज, तीसरी जीत के लिए भाजपा अपना रही हरियाणा-दिल्ली मॉडल……..

काशीपुर: भाजपा विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में दूसरे राज्यों में मिली जीत के फार्मूले के साथ जुट गई है। पार्टी ने इस बार सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि हिमाचल, हरियाणा व दिल्ली के अनुभवी पदाधिकारियों को भी उत्तराखंड में विस्तारक के रूप में नियुक्त किया है।

संगठन ने ऐसे चेहरों को चुना है जिन्होंने पिछले डेढ़-दो साल में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों के विधानसभा व उपचुनाव में संगठन के लिए बेहतरीन काम किया है।

चुनावी जीत का मर्मज्ञ
सूत्रों के अनुसार, विस्तारक की जिम्मेदारी संभालने वालों को चुनावी जीत का मर्मज्ञ माना जाता है और बूथ प्रबंधन से लेकर नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने तक में माहिर हैं। सम्मेलन में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने विस्तारकों को स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा अब रूटीन चुनाव नहीं, बल्कि मिशन मोड में काम करेगी।

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने, दिल्ली में 27 साल बाद वापसी और राजस्थान के उपचुनावों में मिली जीत के मंत्र को उत्तराखंड में भी दोहराया जाएगा। इसके लिए लाभार्थी संपर्क, बूथ सशक्तीकरण और पन्ना प्रमुखों की सक्रियता पर जोर रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा कि काशीपुर का सम्मेलन 2017 और 2022 की तरह ही शुभ संकेत है। दोनों बार यहीं से जीत की शुरुआत हुई थी। इस बार पार्टी ने 60 पार का लक्ष्य रखा है, जिसे दूसरे राज्यों के अनुभवी विस्तारकों के साथ मिलकर हासिल किया जाएगा।

दूसरे राज्यों के जीत माडल पर भरोसा
भाजपा का दूसरे राज्यों के अनुभवी विस्तारकों पर भरोसा करने के पीछे पिछले दो साल की बड़ी जीतें हैं। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीट जीतकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की और रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं।

नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतीं, जिसमें अकेले भाजपा को 89 और जदयू को 85 सीटें मिलीं। उपचुनावों में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा।

अक्टूबर 2026 में बंगाल व असम में छह सीटों के उपचुनाव में भाजपा ने तीन सीटें जीतीं। 2025-26 के गुजरात, महाराष्ट्र, नगालैंड, त्रिपुरा के उपचुनाव में भी भाजपा ने कई सीटें जीती।

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