उत्तराखंड में कैंची धाम दर्शन के लिए अब ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य, उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर मिलेगी सुविधा………
हल्द्वानी: कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से ट्रैफिक जाम व दर्शन में अव्यवस्था से स्थिति से निपटने के लिए अब पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की तैयारी है। नैनीताल जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दिया है। इसमें चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग पंजीकरण विंडो बनेगी।
कैंची धाम क्षेत्र की भार वहन क्षमता और हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए रोजाना 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को कैंची धाम में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था लागू होने पर इसी सीमा में श्रद्धालु कैंची धाम जा पाएंगे।
ठहरने और पार्किंग की देनी होगी जानकारी
निर्धारित संख्या पूरी होने पर वेबसाइट ऑटोमेटिक रजिस्ट्रेशन रोक कर अगली तिथि चुनने का विकल्प देगी। इतना ही नहीं श्रद्धालुओं को ठहरने और पार्किंग की पूर्व व्यवस्था को लेकर भी जानकारी देनी होगी। यद्यपि अभी यह प्रस्ताव है और शासन की स्वीकृति के बाद ही लागू होगा, लेकिन दो से चार अक्टूबर तक प्रतिदिन 45 से 50 हजार लोगों के पहुंचने और कैंची क्षेत्र में अव्यवस्था जैसी स्थिति पंजीकरण व्यवस्था से पटरी पर रहेगी।
साथ ही दर्शन को जाने वाले लोगों से पंजीकरण संग ठहरने और पार्किंग संबंधित जानकारी पूछने से इलाके में यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। अधिक पंजीकरण होने पर हल्द्वानी में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था कर शटल सेवा से पर्यटक भेजे जाएंगे।
इससे रोजाना पर्वतीय क्षेत्रों को आवाजाही करने वालों को परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी नौ अक्टूबर को हल्द्वानी में हुए व्यापारी सम्मेलन में कैंची धाम में पंजीकरण व्यवस्था और संख्या निर्धारित करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है।
हल्द्वानी में बैरियर लगाकर देखा जाएगा पंजीकरण
कैंची धाम में दर्शन करने आने वाले अन्य क्षेत्रों अथवा राज्यों के लोगों का आनलाइन पंजीकरण हल्द्वानी की सीमा में ही चेक किए जाने की योजना है। इसके लिए पुलिस स्थान निर्धारित कर बैरियर लगाएगी। यहां रजिस्ट्रेशन संख्या देखकर ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। पंजीकरण पत्र में घोषित की गई संख्या के अनुसार ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
स्थानीय लोगों को आईडी देखकर मिलेगा प्रवेश
आगामी समय में कैंची धाम में दर्शन को लागू होने वाली पंजीकरण प्रक्रिया से स्थानीय लोग प्रभावित नहीं होंगे। उन्हें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य स्थानीय आईडी के आधार पर प्रवेश दिए जाने की बात सामने आई है।
कैंची धाम में श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दिया गया है। शासन की स्वीकृति मिलते ही व्यवस्था लागू कराई जाएगी। :ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी नैनीताल

