उत्तराखंड की राजधानी में धंस गई नंदा की चौकी की पुलिया, आनन-फानन में खोला गया मुख्य पुल…………
देहरादून: एक तरफ शनिवार देर रात की वर्षा पांवटा साहिब जाने वाले पुराने राजमार्ग के लिए आफत लेकर आई, तो दूसरी तरफ लोनिवि प्रांतीय खंड की तेज गति ने चंद घंटों में उसे राहत में बदल दिया। वर्षा के चलते टोंस नदी में आए तेज पानी के बहाव से क्षतिग्रस्त हुआ अस्थाई पुल। वहीं, नंदा की चौकी स्थित नए पुल पर चलते वाहन।
बीते मानसून सीजन में क्षतिग्रस्त हुए नंदा की चौकी के पुल का निर्माण वैसे तो पूरा हो गया था, लेकिन अंतिम चरण के ब्लैकटाप जैसे कार्य बाकी थे।
पुल को दो दिन के भीतर खोलने की तैयारी थी। लेकिन, अस्थायी पुलिया के ध्वस्त हो जाने के बाद अविलंब ब्लैकटाप का काम शुरू किया गया और सुबह 10 बजे के आसपास पुल पर यातायात बहाल कर दिया गया।
नंदा की चौकी क्षेत्र में टौंस नदी पर ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थायी पुलिया ने करीब 10 माह तक पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर यातायात की डोर संभाले रखी।
15 सितंबर 2025 की मध्य रात्रि को मुख्य पुल की एबटमेंट वाल और एक स्लैब क्षतिग्रस्त हो गई थी। दो दिन यातायात डायवर्ट किए जाने के बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पुलिया तैयार कर दी थी।
तभी से यह पुलिया यातायात के लिए लाइफलाइन बनी रही। मार्च 2026 में जब 16 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य पुल की मरम्मत/पुनर्निर्माण शुरू किया गया तो उम्मीद थी कि वर्षाकाल से पहले इस पर वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।
लेकिन, वर्षाकाल शुरू हो जाने के बाद भी जब निर्माण एक-एक दिन कर आगे बढ़ता रहा तो अस्थायी पुलिया के अस्तित्व को लेकर आशंका के बादल भी घिरने लगे थे। क्योंकि, तेज वर्षा की स्थिति में ह्यूम पाइप के छेद बहकर आने वाली लकड़ियों और टहनियों से बाधित होने लगे थे।
ह्यूम पाइप के छेद अवरुद्ध होते ही धंस गई पुलिया
शनिवार रात को भी तेज वर्षा के बाद ह्यूम पाइप के छेद बाधित होने लगे थे। जिस कारण नदी की धारा अवरुद्ध हुई और दबाव बढ़ने के बाद पुलिया के बड़े हिस्से पर धंसाव हो गया।
ऐन वक्त पर पूरा हुआ लोड टेस्ट
नंदा की चौकी पर मुख्य पुल का लोड टेस्ट का काम शुक्रवार रात शुरू किया गया और शनिवार सुबह पूरा हुआ। पुल पर बीएचयू के विशेषज्ञों की देखरेख में 25-25 टन के चार ट्रक अलग-अलग हिस्सों पर खड़े किए गए थे।
हालांकि, अभी बीएचयू की टीम ने तकनीकी रिपोर्ट नहीं दी है। फिर भी लोड टेस्टिंग को सफल माना जा रहा है।
यही कारण है कि जब पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर वाहनों का संचालन बाधित हुआ तो इसे चंद घंटों के भीतर ही खोल दिया गया। यूं कहें कि इस राजमार्ग पर अब वाहनों का संचालन पूर्व की भांति सुगम हो गया है।
सुबह बैरिकेडिंग लगाकर रोके गए वाहन
अस्थायी पुलिया ढह जाने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को नये बने पांवटा साहिब राजमार्ग की दिशा में डायवर्ट कर दिया था।
इससे कुछ घंटे वाहन चालकों को परेशानी जरूर हुई, लेकिन फिर स्थिति पहले से अधिक सुगम हो गई है। क्योंकि, अस्थायी पुलिया की तरफ चालकों को लंबा फेरा लगाकर वापस मूल राजमार्ग पर आना पड़ रहा था।

