उत्तराखंड सूचना विभाग का बिजली बिल 70 किलोवाट सोलर प्लांट लगने से 1.20 लाख रुपये से घटकर मात्र 1700 रुपये हो गया है…..
देहरादून: प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।देहरादून स्थित सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के मुख्यालय में स्थापित 70 किलोवाट क्षमता के रूफटाप सोलर पावर प्लांट से विभाग के बिजली बिल में भारी कमी दर्ज की गई है। अप्रैल, 2026 में विभाग का बिजली बिल घटकर मात्र 1700 रुपये रह गया, जबकि पहले विभाग को प्रतिमाह लगभग 1.20 लाख रुपये बिजली बिल के रूप में भुगतान करना पड़ता था।
बिजली बिल में भारी कमी
रिंग रोड स्थित सूचना विभाग मुख्यालय में यह सोलर पावर प्लांट उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) द्वारा निश्शुल्क स्थापित किया गया है। प्लांट से उत्पादित बिजली को यूपीसीएल नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे विभाग को निर्बाध और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है।
महानिदेशक सूचना बंसीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन और सरकारी विभागों में इसके अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री सौर स्वरोजगार योजना राज्य में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में सौर ऊर्जा उत्पादन 1000 मेगावाट की सीमा पार कर चुका है।
सूचना विभाग में स्थापित 70 किलोवाट का सोलर प्लांट इसी दिशा में प्रभावी पहल है। उन्होंने बताया कि एमडीडीए द्वारा आइएसबीटी परिसर में 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इसके अलावा अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। सिटी फारेस्ट पार्क में पंप और स्ट्रीट लाइटों का संचालन भी सोलर ऊर्जा से किया जा रहा है।

