उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का मूल मंत्र होगा “सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद”: मुख्यमंत्री धामी……..

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय में आयोजित चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र “सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद” होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या और क्षमता के अनुरूप दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत एसओपी तैयार की जाए। साथ ही रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने दिन के समय भारी वाहनों के संचालन पर रोक बनाए रखने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी धाम या पड़ाव पर क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। होल्डिंग एरिया में पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप चैनल, एफएम रेडियो और सार्वजनिक सूचना प्रणाली के माध्यम से लगातार अपडेट जारी किए जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम परिवर्तन, ट्रैफिक जाम और दर्शन में देरी जैसी सूचनाएं भी तत्काल साझा की जाएं।

मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस और राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यात्रियों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों की दैनिक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन तथा खाद्य पदार्थों की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में चारधाम यात्रा मार्गों और धामों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, पैदल मार्गों पर पर्याप्त शौचालयों और शेड की व्यवस्था करने तथा गंभीर मरीजों के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा के समन्वय हेतु राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के अधिकारियों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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