एक मिनट तक पोकलैंड मशीन को दौड़ाता रहा’, चमोली सैलाब में बचने वाले जोगिंदर सिंह ने बताया- कैसा था मंजर……..
चमोली : उत्तराखंड के चमोली में भारी बारिश में आए उफान ने भारी तबाही मचाई। नीती घाटी के तमक नाले में सोमवार की बाढ़ में वैली पुल बह गया। इस सैलाब में फंसे पोकलैंड मशीन के ऑपरेटर जोगिंदर सिंह जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन सीमा सड़क संगठन के लापता कर्मचारी का सुराग मंगलवार को भी नहीं लग पाया। पोकलैंड चालक जोगिंदर सिंह की हिम्मत की हर तरफ सराहना हो रही है।
जोगिंदर सिंह जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सेकेंडों में वहां पर सबकुछ मलबे में तब्दील हो गया था। वह भी एक से डेढ़ मिनट में जान बचाने में कामयाब रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें डर तो नहीं लगा, लेकिन इस बात का एहसास था कि मशीन से कूदूंगा तो खुद भी जाऊंगा। मशीन में रहूंगा तो बच जाऊंगा। इसलिए मशीन को भगाता रहा। वे करीब एक से डेढ़ मिनट तक मशीन को भगाते रहे और बच गए।
पोकलैंड मशीन सड़क पर बहते पानी के बीच चलती दिखाई दी
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तमक नाले में बादल फटने के दौरान अचानक आए तेज सैलाब के बीच पोकलैंड मशीन सड़क पर बहते पानी के बीच चलती दिखाई दी। इस दौरान चालक जोगिंदर सिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मशीन को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और अपनी जान भी बचाई। जोशीमठ कोतवाल देवेंद्र सिंह रावत ने भी जोगिंदर सिंह का हौसला बढ़ाते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि समय रहते अगर जोगिंदर सिंह मशीन को सुरक्षित नहीं निकालते तो राहत और बचाव कार्य के साथ सड़क को दुरुस्त करने में यह पोकलैंड मशीन आज बेहद महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा पाती। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह जोगिंदर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत दिखाई, वह काबिल-ए-तारीफ है।
आपदा से तबाही की तस्वीरें सामने आई
मंगलवार सुबह जब नाले में पानी का बहाव कुछ कम हुआ तो आपदा से तबाही की तस्वीरें सामने आई। नाले के आसपास मलबे में कई वाहन दबे दिखे। आपदा की सूचना मिलने के बाद बढ़ी संख्या में लोग भी मदद को पहुंचे। बचाव दल मलबे और नाले के आसपास लापता कर्मचारी की तलाश में जुटे हैं। अभी लापता व्यक्ति के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। इस बाढ़ और जोशीमठ-मलारी (नीति घाटी) हाइवे पर पुल के बहने से चीन सीमा से लगे जल सैलाब तमक नाले में सोमवार को आए उफान में वैली ब्रिज वह गया।
15-17 गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया
15-17 गांव और वहां की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बहे ब्रिज के बाद वाहनों की आवाजाही को फिर शुरू करने के लिए तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर टेंपररी रास्ता बनाने का काम तेजी से जारी है। चमोली के प्रभारी जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि लोगों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश को देखते हुए नदी-नालों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमक नाले में आए जलसैलाब से तबाही के विडियो वायरल हो रहे है। इस घटना पर आपदा प्रबंधन और पुनर्वास से जुड़े राज्य के सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों से वैज्ञानिक अध्ययन कराने का अनुरोध किया है। इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इन सस्थानों से तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र की स्टडी कर अचानक बढ़े जलप्रवाह के वास्तविक स्रोत की पहचान करने को कहा गया है।

