उत्तराखंड की मंजू ने रचा स्वर्णिम इतिहास, बनीं कुराश में देश की पहली 3स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी……….
अल्मोड़ा: ‘अक्सर पहाड़ की बेटियां हर चुनौती को अपना हौसला बना लेती हैं।’ इस कहावत को सच साबित किया है जनपद अल्मोड़ा के हवालबाग विकासखंड के सिलंगिया गांव की बेटी मंजू नयाल ने।
उन्होंने कुराश खेल ( पारंपरिक मार्शल आर्ट में खेला जाता है) में भारत की पहली थ्री-स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनकर उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि उन्होंने उज़्बेकिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा उत्तीर्ण कर हासिल की।
22 वर्षों से कुराश और खेल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय
मंजू का बचपन सिलंगिया गांव की खूबसूरत वादियों में बीता। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह अपने पिता स्वर्गीय बचन सिंह नयाल के साथ दिल्ली आ गयी थी, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई के साथ खेलों में अपना करियर बनाया।
पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान जूडो, कुराश की ओर बढ़ा और कड़ी मेहनत, अनुशासन व लगन ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचा दिया। वह पिछले 22 वर्षों से कुराश और खेल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2023 में बी-लाइसेंस कोच बनने के साथ 1-स्टार इंटरनेशनल रेफरी की योग्यता हासिल की।
वर्ष 2025 में 2-स्टार इंटरनेशनल रेफरी बनीं।
वर्ष 2026 में 3-स्टार इंटरनेशनल रेफरी का दर्जा हासिल कर भारत की पहली महिला बनने का गौरव प्राप्त किया।
2024 में नोमैड गेम्स (कजाकिस्तान) और चिल्ड्रेन ऑफ एशिया गेम्स (याकुत्स्क, रूस) में अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहीं।
2025 में तीसरे एशियन यूथ गेम्स (बहरीन) में रेफरी की जिम्मेदारी निभाई।
2026 में उर्गेंच (उज़्बेकिस्तान) में आयोजित जूनियर एशियन इंटरनेशनल कुराश कप तथा जापान ओपन कुराश चैंपियनशिप में भी अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहीं।
वर्ष 2015 में चीनी ताइपे में आयोजित जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में भारतीय टीम के कोच के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
वर्ष 2003 में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित सीनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप तथा 2010 में जूनियर वर्ल्ड कुराश चैंपियनशिप की आयोजन समिति का हिस्सा रहीं।
वर्तमान में मंजू नयाल गुरुकुल द स्कूल, गाजियाबाद में कोआर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एम.पी.एड., बी.पी.एड. और पीजीडी (योग शिक्षा) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह गाजियाबाद में निवास करती है।

