उत्तराखंड के जर्जर स्कूलों का सीएसआर फंड से होगा कायाकल्प, DEO ने मांगी विद्यालयों की लिस्ट………

हरिद्वार: रुड़की ब्लॉक के जर्जर सरकारी स्कूलों की तस्वीर अब बदलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से मरम्मत और पुनर्निर्माण की बाट जोह रहे विद्यालयों का कायाकल्प अब सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पान्सिबिलिटी) फंड से कराया जाएगा।

इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ने रुड़की ब्लाक के जर्जर विद्यालयों की सूची मांगी है। विभाग की ओर से ऐसे विद्यालयों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां भवनों की स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है।

रुड़की ब्लॉक में कई प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन लंबे समय से बदहाल हैं। बीते रविवार वर्षा के कारण राजकीय प्राथमिक विद्यालय-11 की जर्जर दीवार गिर गई थी। गनीमत रही कि कांवड़ यात्रा के कारण स्कूलों में अवकाश चल रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

ब्लॉक के अत्यधिक खराब स्थिति वाले स्कूलों में मोहम्मदपुर पांडा, रहमतपुर, इमलीखेड़ा, तांशीपुर-1, सुल्तानपुर साबतवाली, नगला कुबड़ा, रसूलपुर, किशनपुर, नन्हेड़ा अनंतपुर-2, करौंदी, पुहाना, मुस्तफाबाद, मरगूबपुर, ब्रह्मपुर, जलालपुर, बढ़ेड़ी राजपूतान, पिरान कलियर-1, राप्रावि-12, इकबालपुर कमेलपुर, लाठरदेवा शेख तथा राउप्रावि हथियाथल, दौलतपुर व मूलदासपुर माजरा शामिल हैं।

भवनों की दयनीय स्थिति के कारण वर्षाकाल में छतों से पानी टपकने और प्लास्टर गिरने से छात्र व शिक्षक परेशान रहते हैं। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

अब शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत ब्योरा जुटाने के बाद सीएसआर फंड से प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। इससे वर्षों से बदहाल पड़े विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

ब्लॉक के जर्जर विद्यालयों की सूची मांगी गई है। विद्यालयों की स्थिति का ब्योरा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। -आकांक्षा राठौर, बीईओ, रुड़की।

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