उत्तराखंड में तमकनाला आपदा पर सीएम धामी की सीधी नजर, राहत-बचाव से कनेक्टिविटी बहाली तक एक्शन तेज…….
देहरादून: चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने के बाद राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली और गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और सड़क संपर्क जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों समेत जरूरी सामान की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों और अन्य उपलब्ध साधनों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाए।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश
सीएम धामी ने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने को कहा है। संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था के कार्यों में देरी न हो।
बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए नदी-नालों एवं निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
SEOC से 24 घंटे निगरानी, टीमें अलर्ट
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।
सोमवार को तमकनाला में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना भी सामने आई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से स्थिति की जानकारी लेकर राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गईं, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।
सरकार की तीन प्राथमिकताएं—सुरक्षा, राहत और संपर्क
तमकनाला हादसे के बाद सरकार का फोकस प्रभावित लोगों की सुरक्षा के साथ राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति और वैकल्पिक कनेक्टिविटी बहाल करने पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

