उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बारिश के आसार, जानिए अगले 6 दिनों का मौसम मिजाज………
देहरादून: उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले छह दिनों तक और मैदानी जिलों में आगामी तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। कई क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
आज इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार 8 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गर्जन वाले बादल सक्रिय रह सकते हैं। जबकि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर समेत अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
9 और 10 जून को बढ़ेगा बारिश का दायरा
मंगलवार 9 जून को भी पांच पर्वतीय जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं बुधवार 10 जून से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दिन राज्य के लगभग सभी पर्वतीय जिलों में बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। हालांकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रह सकता है।
11 जून को कुमाऊं में अधिक सक्रिय रहेगा मौसम
गुरुवार 11 जून को पूरे उत्तराखंड में बारिश के आसार हैं। विशेष रूप से कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि अन्य जिलों में भी हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी।
12 और 13 जून को पूरे प्रदेश में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 जून को भी राज्यभर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
तापमान में 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। बारिश और गर्जन के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

