उत्तराखंड में कैलास मानसरोवर यात्रा का दसवां और अंतिम दल लौटा भारत, अब चीन सीमा का संपर्क बहाल……….
पिथौरागढ़: कैलास मानसरोवर यात्रा का दसवां और अंतिम दल तिब्बत से सुबह 9:20 बजे भारत में प्रवेश कर गया। यह दल शाम तक आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। इधर, कूलागाड़ और मलघटिया के पास मलबा आने से बंद धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख मार्ग भी खुल चुका है। मौसम साफ है और अब चीन सीमा का संपर्क बहाल हो चुका है।
भारत-नेपाल सीमा पर दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला सिलौनी-क्वीतड़-हल्दू मार्ग बदहाल। भारत-नेपाल सीमा पर दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला सिलौनी-क्वीतड़- हल्दू मार्ग बारिश और भूस्खलन के चलते बदहाल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से क्षेत्रवासियों को आवागमन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने शीघ्र बदहाल सड़क के सुधारीकरण की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। क्वीतड़ की ग्राम प्रधान पूजा मेहरा ने बताया कि सड़क पर लंबे समय से डामरीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीणों और यात्रियों को जोखिम उठाकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी कुंडल सिंह व कुंवर सिंह ने कहा कि सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर पूर्व में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार तक का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक सड़क सुधारीकरण व डामरीकरण कार्य नहीं किया गया है।
सड़क की बदहाल स्थिति के कारण मार्ग से प्रतिदिन आवाजाही करने वाले सैकड़ों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से शीघ्र सड़क का डामरीकरण किए जाने की मांग की है। ग्राम प्रधान सहित क्षेत्रवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सड़क पर डामरीकरण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे स्थानीय लोगों के साथ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

