उत्तराखंड में अब स्वाइन फ्लू का आंकड़ा पहुंचा 40, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट………

देहरादून: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब तक सामने आए 40 मामलों में 27 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि पांच मौतें रिपोर्ट हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृतकों में को-मॉर्बिडिटी से ग्रसित मरीज शामिल थे। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना काल में अपनाई गई सावधानियां स्वाइन फ्लू से बचाव में भी कारगर हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियां बरतने और किसी तरह की अफवाह या पैनिक की स्थिति पैदा न करने की अपील की है।

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 40 मामले सामने आए हैं, जिनमें अकेले देहरादून के 28 मरीज शामिल हैं। शेष मामले प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से सामने आए हैं। इनमें से 27 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि अन्य मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अब तक स्वाइन फ्लू से पांच मौतें भी रिपोर्ट हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में सभी मरीज को-मॉर्बिडिटी यानी पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।

अस्पतालों में आइसोलेशन बेड से लेकर दवाओं तक की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

राज्य स्तर से एडवाइजरी जारी होने के बाद अस्पतालों में आइसोलेशन बेड चिह्नित करने के साथ ही फ्लू के मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट उपलब्ध रखने के साथ जरूरत के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सामग्री की खरीद भी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार फिलहाल सामने आ रहे अधिकांश मामले माइल्ड हैं। हालांकि बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से किसी गंभीर बीमारी या को-मॉर्बिडिटी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मास्क और सावधानी को बनाएं बचाव का हथियार, पैनिक से बचने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की है। सर्दी-जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर घर पर रहने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। खांसते या छींकते समय रुमाल अथवा टिश्यू का इस्तेमाल करने, खुले में न थूकने और किसी सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज करने की भी अपील की गई है।

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने लोगों से अफवाहों और पैनिक से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान अपनाई गई सावधानियां स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचाव में भी प्रभावी हैं। उन्होंने बताया कि जांच की सुविधा बढ़ने के कारण अब सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार के मामलों की भी जांच की जा रही है, जिससे संक्रमित मरीजों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि लोग सतर्क रहें, सावधानी बरतें, लेकिन किसी तरह की अफवाह या भय की स्थिति पैदा न करें।

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