उत्तराखंड में आरक्षित वन क्षेत्र में 15 साल पुराने कब्जे को तोड़कर भूमि पर वन विभाग ने स्वामित्व लिया……….
देहरादून: आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ देहरादून वन प्रभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। झाझरा रेंज के कंडोली-1 क्षेत्र में 1015 वर्गमीटर आरक्षित वनभूमि पर वर्ष 2006-07 से किए गए अनधिकृत निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के बाद भूमि को दोबारा वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया। मौके पर राजस्व विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कंडोली-1 में स्थित आरक्षित वन भूमि पर वर्ष 2006-07 से था अवैध कब्जा
उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी के अनुसार, संबंधित भूमि पर अतिक्रमण के मामले में विभाग की ओर से पहले ही निर्माण हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। सात अगस्त 2009 को निर्माण हटाने का आदेश पारित हुआ, जिसके खिलाफ की गई अपील भी चार सितंबर 2009 को निरस्त कर दी गई थी।
इसके बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा, जहां 20 सितंबर 2017 को संबंधित रिट याचिका खारिज कर दी गई। मामले में इसके बाद विशेष अपील दाखिल की गई, जिसे हाईकोर्ट ने नौ जून 2025 को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट से भी विभाग के पक्ष में रहे फैसले, वन विभाग ने ध्वस्त किया निर्माण
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वन विभाग ने रविवार को मौके पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया और आरक्षित वनभूमि को मुक्त करा लिया।
डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने कहा कि आरक्षित वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वनभूमि की सुरक्षा, संरक्षण और वन सीमा की रक्षा के लिए विभाग आगे भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगा।

