उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, SEOC ने सभी जिलों को जारी किए बड़े निर्देश……..

देहरादून: मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता जरूरी है। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक बढ़ते जलस्तर का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने ट्रेकिंग पर रोक, सड़क मार्ग तत्काल खोलने और आपदा राहत व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून (IMD) ने 29 अगस्त से 1 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। 30 अगस्त को जारी पूर्वानुमान के अनुसार बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, कई अन्य जिलों में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के प्रशासन को आवश्यक सावधानी बरतने और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

SEOC ने मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में भी तेज से अति तेज बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

31 अगस्त को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर आने की संभावना है।
टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

1 सितंबर को देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट
1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली के साथ बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की चेतावनी दी है।

इसके अलावा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
ट्रेकिंग और पर्यटकों की आवाजाही पर विशेष सावधानी।

भारी बारिश और खराब मौसम की संभावना को देखते हुए SEOC ने पर्वतीय जिलों में बरसात के दौरान ट्रेकिंग की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में असामान्य मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के दौरान पर्यटकों की आवाजाही पर भी विशेष रोक और निगरानी रखने को कहा गया है।

सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
SEOC ने जिलाधिकारियों को आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन की IRS प्रणाली से जुड़े अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे।

पुलिस चौकियों और थानों को आपदा संबंधी उपकरणों तथा वायरलेस सेट के साथ तैयार रखने को कहा गया है। NH, PWD, PMGSY, ADB, BRO, WB और CPWD समेत संबंधित विभागों को सड़क बाधित होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मैदानी क्षेत्रों में नालियों और कलवर्ट की सफाई के निर्देश
राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन बंद नहीं रखने तथा वाहनों में बरसाती, छाता, टॉर्च और हेलमेट जैसे आवश्यक उपकरण रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों और कलवर्ट में मौजूद अवरोधों को तत्काल हटाने को कहा गया है। बारिश के कारण लोगों के फंसने की स्थिति में खाद्य सामग्री और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालयों में भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। भौगोलिकनक्शा खोजना

मौसम चेतावनी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश।
SEOC ने जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों को दृश्य एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में लोग समय रहते सतर्क हो सकें।

आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर दें सूचना
आपदा की स्थिति में राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष/SEOC के इन नंबरों पर तत्काल सूचना दी जा सकती है—
फोन: 0135-2710335, 2664314, 2664315, 2664316
फैक्स: 0135-2710334, 2664317
टोल फ्री: 1070
मोबाइल: 9058441404, 8218867005

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