उत्तराखंड में व्यावसायिक शिक्षा बंद, 50 हजार छात्रों और सैकड़ों प्रशिक्षकों पर संकट……

देहरादून: उत्तराखंड में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को अचानक स्थगित किए जाने के निर्णय से प्रदेश के सैकड़ों व्यावसायिक प्रशिक्षक-प्रशिक्षिकाएं गहरे संकट में आ गए हैं।

लगभग 200 विद्यालयों की 255 लैब्स एवं 28 अतिरिक्त विद्यालयों में कार्यक्रम बंद होने से न केवल प्रशिक्षकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हुआ है, बल्कि लगभग 50,000 विद्यार्थियों की कौशल आधारित शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।

31 मार्च 2026 को आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त होते ही 1 अप्रैल से प्रशिक्षकों को बिना पूर्व सूचना के कार्यमुक्त कर दिया गया, जो पूर्णतः अन्यायपूर्ण एवं असंवेदनशील निर्णय है।

हालांकि प्रदेश के शिक्षा मंत्री द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि व्यावसायिक शिक्षा को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। इससे प्रशिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

स्किल वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तराखंड के बैनर तले सभी व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने इस अन्याय के विरोध में 10 अप्रैल 2026 को परेड ग्राउंड, देहरादून में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

प्रमुख मांगें:-
व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाए।
सभी कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों को राज्य सरकार के अधीन समायोजित/नियमित किया जाए।
प्रभावित प्रशिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा अथवा वैकल्पिक रोजगार प्रदान किया जाए।
भविष्य में इस प्रकार के निर्णयों से पहले प्रशिक्षकों के हितों की रक्षा हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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