उत्तराखंड में शीतकाल में केदारनाथ धाम का वीडियो वायरल, प्रशासन सख्त, ठेकेदार पर कार्रवाई के संकेत…….
देहरादून: केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान हुई बर्फबारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद धार्मिक भावनाओं को आहत किए जाने का मामला सामने आया है। इस विषय को गंभीर मानते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।
उप जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शीतकाल में श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद रहते हैं और इस अवधि में विशेष धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है। इसी दौरान मंदिर परिसर और मंदिर के सामने स्थित ‘ॐ’ स्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया, जिसे लेकर तीर्थपुरोहितों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
तीर्थपुरोहितों ने जताया विरोध।
केदारनाथ धाम के तीर्थपुरोहित संतोष त्रिवेदी ने छह जनवरी को उप जिलाधिकारी ऊखीमठ को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि शीतकाल में छह माह देव पूजा और छह माह नर पूजा की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान मंदिर परिसर में मानव गतिविधियों का होना और उसका प्रचार-प्रसार धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है। इससे देश और विदेश में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
निर्माण कार्य के बीच वीडियो बना विवाद की वजह।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत पुनर्निर्माण और अन्य विकास कार्य जारी हैं। शीतकाल के बावजूद क्षेत्र में 50 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। आरोप है कि वुड स्टोन कंपनी के एक ठेकेदार ने पांच जनवरी को बर्फबारी के दौरान मंदिर परिसर का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हुआ।
उप जिलाधिकारी ऊखीमठ ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि संबंधित ठेकेदार की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शीतकाल के दौरान केदारनाथ धाम क्षेत्र में कोई भी कंपनी या श्रमिक धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध कोई कार्य न करे और न ही ऐसे किसी दृश्य का सोशल मीडिया पर प्रसार हो।
प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में मुकदमा दर्ज होने की भी संभावना जताई जा रही है।

