दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के शुभारंभ की घड़ी नजदीक आ गई, PM कर सकते हैं इसका लोकार्पण……..

देहरादून: दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर एनएचएआइ का दावा है कि 10 मार्च तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कभी भी प्रधानमंत्री इसको देश को समर्पित कर सकते हैं।

दिल्ली-दून ग्रीनफील्ड हाईवे दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास गीता कालोनी से शुरू होता है। यहां से खेकड़ा तक 32 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड 30 नवंबर को ट्रायल रन के लिए खोल दिया गया था। इस पर ट्रैफिक चल रहा है। इस मार्ग से अब बागपत से दिल्ली पहुंचने का समय केवल 20 मिनट रह गया है। बागपत जनपद में मवीकलां इंटरचेंज से शामली सीमा पर गूंगाखेड़ी गांव तक यह हाईवे है। इस तरह जनपद में 42 किलोमीटर हाईवे 31 गांवों से होकर गुजर रहा है।

मवीकलां इंटरचेंज
मवीकलां इंटरचेंज को अभी नहीं खोला गया है। यहां पर बड़े-बड़े कंक्रीट बैरियर लगे हुए हैं। श्रमिक यहां डिवाइडर पर काली-सफेद पट्टी खींचते दिखे। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें 10 मार्च तक काम पूरा करने को कहा गया है।

वहीं, डिवाइडर पर पौधारोपण का काम चलता मिला। सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। सितंबर में जब हमने ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी, तब यहां कैमरे नहीं लगे थे और डामरीकरण भी शेष था। अब मुख्य मार्ग पर डामरीकरण का कोई कार्य शेष नहीं है।

काठा टोल प्लाजा
इससे आगे काठा टोल प्लाजा पर लगभग 500 मीटर तक डिवाइडर नहीं बना है। क्रैश बैरियर लगने भी शेष हैं। टोल की सभी नौ लेन बन गई हैं। टोल बैरियर लग गए हैं। हमने कंट्रोल रूम में जाकर देखा तो यहां कंप्यूटर लग चुके हैं और सर्वर रूम भी तैयार है।

यहां काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि इस समय साफ्टवेयर टेस्टिंग का काम चल रहा है। सभी जरूरी मशीनें लग गई हैं। आधे हिस्से में कैमरे लग गए हैं। बाकी भी अगले 10 दिनों में लग जाएंगे। यहां भी कर्मचारियों को एनएचएआइ से यही संदेश दिया गया है कि 10 मार्च तक काम पूरा कर लें।

रेस्ट एरिया का काम अभी शुरू हुआ है
बागपत क्षेत्र में दो जगह काठा के पास और बिजरौल में रेस्ट एरिया बनने हैं। ये रेस्ट एरिया हाईवे के दोनों ओर बनाए जाने हैं। दोनों स्थानों पर रेस्ट एरिया का निर्माण अभी शुरू ही हुआ है। काठा के रेस्ट एरिया के पास रैंप पर डामरीकरण होता मिला। रैंप लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

टटीरी इंटरचेंज
टटीरी में बड़ा इंटरचेंज है। यहां मेरठ-बागपत-सोनीपत हाईवे पर जाने के लिए रास्ता है। यहां भी टोल बैरियर लग गए हैं। हाईवे से बागपत की ओर जाने के लिए रैंप बन गए हैं, लेकिन अंडरपास का काफी काम बाकी है। यहां मिट्टी की परत बिछी है, डामरीकरण शेष है। टोल बैरियर के पास भी मार्ग पक्का नहीं हुआ है। टटीरी से आगे मुख्य हाईवे पूरी तरह तैयार है। सफेद पट्टियां और क्रैश बैरियर आदि लग गए हैं।

बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर इंटरचेंज
बड़ौत में बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर इंटरचेंज पर टोल बैरियर लगने शेष हैं। यहां लगभग 500 मीटर हिस्से में रैंप पर डामरीकरण बाकी है। कुछ हिस्से पर डामर की आखिरी परत नहीं पड़ी है। इसका काम तेजी से चल रहा है।

बिजरौल में रेस्ट एरिया बनना शुरू
बिजरौल में भी हाईवे के दोनों तरफ रेस्ट एरिया बनना है। इसका काम अभी शुरू ही हुआ है। रेस्ट एरिया को जाने के लिए रैंप का बेस तैयार है लेकिन डामर नहीं पड़ा है। उधर, जागरण टीम ने पाया कि मुख्य हाईवे पर डामरीकरण पूरा हो चुका है। क्रैश बैरियर लग चुके हैं। सितंबर से अब तक काम बड़ी तेजी से आगे बढ़ा है। कोई बड़ा अवरोध नहीं रहा।

इन्होंने कहा
दिल्ली-देहरादून हाईवे के प्रमुख सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसमें पेंटिंग, रोड सेफ्टी जैसे कार्य हैं। यह काम भी मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।
नरेंद्र कुमार, परियोजना निदेशक, बागपत कार्यालय।

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