उत्तराखंड के ऋषिकेश में बजरंग सेतु पर ग्लास ब्रिज पर ट्रॉली बैग घसीट रहे लोग, वीडियो देख भड़के यूजर्स, बोले- जीरो सिविक सेंस…….

ऋषिकेश: ऋषिकेश में हाल ही में खुला भारत का पहला ग्लास-फ्लोर सस्पेंशन ब्रिज ‘बजरंग सेतु’ पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लेकिन इस शानदार ब्रिज पर लोगों की लापरवाही का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इंटरनेट का पारा हाई कर दिया है। वीडियो में लोग कांच के फर्श पर भारी ट्रॉली बैग घसीटते नजर आ रहे हैं।

जब देश में कोई नई और खूबसूरत चीज बनती है, तो उसे सहेज कर रखना हमारी जिम्मेदारी होती है। लेकिन ऋषिकेश से आए वीडियो ने साबित कर दिया है कि ‘सिविक सेंस’ के मामले में हमें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है। ऋषिकेश में हाल ही में जनता के लिए खोले गए भारत के पहले ग्लास-फ्लोर सस्पेंशन ब्रिज ‘बजरंग सेतु’ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप भी कहेंगे- ये लोग सुधरेंगे नहीं!

कांच के फर्श पर घसीटे जा रहे भारी-भरकम सूटकेस
दीपक नाम के व्लॉगर ने इस ब्रिज का एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो की शुरुआत में दीपक ब्रिज की खूबसूरती और वहां से दिखने वाले शानदार नजारे दिखाते हैं। लेकिन जल्द ही उनका कैमरा उन पर्यटकों की तरफ घूम जाता है जो इस शीशे के फर्श पर भारी-भरकम ट्रॉली बैग घसीटते हुए ले जा रहे हैं।

जीरो सिविक सेंस
व्लॉगर वीडियो में अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहता है- देखिए दोस्तों, अभी तक ये ब्रिज पूरी तरह से खुला भी नहीं है और लोगों का जीरो सिविक सेंस उजागर हो गया है। इसके अलावा, ब्रिज पर जंप करते और खतरनाक तरीके से पोज देते लोग भी कैमरे में कैद हुए हैं।

भारत में ये आइडिया किसका था।
यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। यूजर्स इन पर्यटकों की जमकर क्लास लगा रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा- भारत जैसे देश में यह आइडिया अच्छा होगा, ऐसा किसने सोचा था? एक अन्य यूजर ने लिखा- हर समस्या खराब डिजाइन नहीं होती। कभी-कभी लोग सबसे आसान नियमों का पालन करने से भी इनकार कर देते हैं।

एक तीसरे यूजर ने चेतावनी देते हुए कहा- मुझे पूरा यकीन है कि एक दिन यह लापरवाही पैदल चलने वालों को बहुत भारी पड़ेगी। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का नतीजा है। एक ने लिखा कि अगर क्वालिटी अच्छी होती तो शायद ऐसा नहीं होता।

क्यों खतरनाक है ग्लास पर हील्स और ट्रॉली?
ग्लास-फ्लोर ब्रिज हालांकि बेहद मजबूत और कई लेयर वाले कांच से बने होते हैं, लेकिन ट्रॉली बैग के कठोर पहियों की रगड़ और हाई हील्स (जिसका पूरा दबाव एक छोटे से पॉइंट पर होता है) से कांच की ऊपरी सतह पर खरोंचें आ सकती हैं।

इससे न सिर्फ ब्रिज की खूबसूरती खत्म होगी, बल्कि लंबे समय में इसके शीशे की क्षमता भी कमजोर पड़ सकती है। यह पब्लिक प्रॉपर्टी है, हमारे टैक्स के पैसे से बनी है। रील्स के चक्कर में इसे ‘डैमेज’ करना कहीं से भी कूल नहीं है। प्रशासन को भी इस ब्रिज पर ‘हील्स और ट्रॉली बैग’ को तुरंत बैन कर देना चाहिए।

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