उत्तराखंड में कार्मिकों पर बढ़ते शोषण के खिलाफ फूटा आक्रोश — 02 अप्रैल को सचिवालय कूच राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी किया समर्थन…….

देहरादून: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने परिषद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि परिषद द्वारा कृषि ,उद्यान एवं अन्य विभागों द्वारा गठित समन्वय समिति के घोषित आंदोलन के अंतर्गत कल दिनांक दो अप्रैल 2026 को परेड ग्राउंड से सचिवालय तक आयोजित रैली का पूर्ण समर्थन किया गया है ।साथ ही परिषद द्वारा अपने समस्त घटक संगठनों एवं पदाधिकारीयों को रैली में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने के आसय से पत्र प्रेषित किया गया है।

परिषद ने पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव , उत्तराखंड शासन को अवगत कराया है कि गन्ना, कृषि, उद्यान एवं राजस्व विभाग के कार्मिकों में डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री को लेकर बढ़ते दबाव और अव्यवहारिक कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यापक आक्रोश व्याप्त है। संयुक्त परिषद की छत्रछाया में समन्वय समिति ने 02 अप्रैल 2026 को देहरादून में परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच का ऐलान किया है।

समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा पूर्व में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निजी सर्वेयरों से कराए जाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब यह पूरा दायित्व विभागीय कार्मिकों पर थोप दिया गया है। बिना संसाधन, और बिना अतिरिक्त व्यवस्था के इस कार्य को लागू करना कार्मिकों के साथ सीधा अन्याय है।

इसके साथ ही फार्मर रजिस्ट्री की जमीनी हकीकत — तकनीकी खामियां, नेटवर्क समस्याएं, संसाधनों की कमी एवं ग्रामीण स्तर पर आने वाली वास्तविक कठिनाइयों — को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके बावजूद कार्मिकों को कठोर लक्ष्य देकर हर हाल में पूर्ण करने का दबाव बनाया जा रहा है तथा असफलता की स्थिति में कार्यवाही की जा रही है।

समिति ने कहा कि इस प्रकार की नीतियां न केवल कार्मिकों का मानसिक एवं शारीरिक शोषण कर रही हैं, बल्कि आम जनता को मिलने वाली शासकीय सेवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं।
समन्वय समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का व्यवहारिक समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

👉 02 अप्रैल 2026 — देहरादून कूच
👉 परेड ग्राउंड से सचिवालय तक

प्रदेशभर से सैकड़ों कार्मिक इस कूच में शामिल होकर अपनी एकजुटता और विरोध दर्ज कराएंगे।
“यह संघर्ष केवल कार्यभार का नहीं, बल्कि सम्मान, न्याय और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों का है।”

अरुण पांडे ने कहा कि उपरोक्त के दृष्टिगत परिषद द्वारा मुख्य सचिव से सक्षम स्तर पर कार्मिक संगठनों के साथ बैठक कर प्रकरण के निराकरण हेतु तत्काल संबंधित को निर्देशित करने की मांग की गई है। : अरूण कुमार पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष

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