Oplus_16908288

उत्तराखंड में अब महिलाओं को न्याय दिलाने मैदान में उतरा आयोग, 13 जिलों में होगी सीधी सुनवाई……..

Oplus_16908288

देहरादून: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य महिला आयोग प्रदेशभर में विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के तहत 9 मार्च से 13 मार्च 2026 के बीच राज्य के सभी 13 जिलों में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आयोग स्वयं जिलों और क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं सुनेगा और उनके समाधान की दिशा में त्वरित कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग का लक्ष्य प्रदेश की हर महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि कई बार भौगोलिक दूरी और अन्य परिस्थितियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग सीधे जिलों में पहुंचकर महिलाओं की बात सुनेगा और उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल नई शिकायतों को दर्ज करना ही नहीं है, बल्कि पहले से लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करना भी है। विभिन्न विभागों में महिलाओं से संबंधित जो मामले लंबे समय से लंबित हैं, उनकी प्रगति की जानकारी ली जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों की सुनवाई की जाएगी, ताकि लंबे समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 9 मार्च से शुरू होने वाली इन जनसुनवाई बैठकों में आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्य अलग-अलग जिलों में पहुंचकर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, संपत्ति से जुड़े विवाद, कार्यस्थल पर यौन और मानसिक उत्पीड़न, मानव तस्करी तथा मातृत्व लाभ से वंचित महिलाओं जैसे मामलों को प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा।

हर जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों में जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि शिकायतों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अंत में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे तय तिथियों पर आयोजित इन जनसुनवाई कार्यक्रमों में बिना किसी संकोच के हिस्सा लें और अपनी समस्याओं या लंबित मामलों को आयोग के समक्ष रखें, ताकि उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *