उत्तराखंड में नैनीताल की झीलों का होगा कायाकल्प, अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती…….
देहरादून: नैनीताल जिले की प्रसिद्ध झीलों को पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक बनाने के लिए सरकार ने पुनर्विकास और सुंदरीकरण की योजनाओं को तेजी देने का फैसला किया है। इस दिशा में भीमताल झील, नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के कायाकल्प की योजनाओं पर काम तेज किया गया है।
आवास विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने नैनीताल में झीलों के पुनर्विकास और पर्यटन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी डा. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि आवास विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में झीलों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया, ताकि आने वाले समय में क्षेत्र में पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।
भीमताल झील परियोजना पर खास फोकस
समीक्षा बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण की परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। लगभग 25.67 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस योजना के तहत झील क्षेत्र को आधुनिक और पर्यटक-अनुकूल स्वरूप देने की तैयारी है।
परियोजना के अंतर्गत झील के चारों ओर सुरक्षित और आकर्षक पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक आराम से झील का भ्रमण कर सकें। इसके साथ ही सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौन्दर्यीकरण, लैंडस्केपिंग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जाएगी।
नौकुचियाताल और कमलताल के लिए भी योजना
नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। करीब 20.97 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत नौकुचियाताल के चारों ओर लगभग 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा, जिससे पर्यटक झील के चारों ओर सुरक्षित तरीके से घूम सकेंगे।
इसके अलावा झील के आसपास चार गजिबो, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, बोटिंग स्टैंड व पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही लैंडस्केपिंग, हार्टिकल्चर कार्य, बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण और विद्युत व्यवस्था भी बेहतर की जाएगी।

