उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के अब तक हुए चार लाख से ज्यादा पंजीकरण, किसी भी यात्री को आने से नहीं रोकेगी सरकार……..

देहरादून: चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से किसी तरह का कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अब तक चार लाख 44 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। यह कहना है संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल का। उन्होंने कहा, सरकार यात्रा में आने से किसी यात्री को नहीं रोकेगी।

बजट सत्र के दौरान सदन में नियम 58 की सूचना पर बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने कहा, चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव पर जाम की स्थिति बनी रहती है, यात्रियों के लिए सरकार वैकल्पिक मार्ग नहीं बना पाई है। यात्री पांच से छह घंटे जाम में फंसे रहते हैं। चारधाम में आने वाले यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था खत्म हो या फिर रजिस्ट्रेशन के लिए ऑफ लाइन व्यवस्था भी की जाए।

यात्रा को 24 घंटे के लिए न खोलकर सुबह चार से रात नौ बजे तक खोला जाए। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने भी चारधाम यात्रा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, यात्रियों की संख्या निर्धारित न की जाए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

2001 में जहां यात्रियों की संख्या दस लाख थी, जो अब बढ़कर 2025 में 51 लाख हो चुकी है। यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के पीछे सरकार की यह मंशा है कि इससे यात्रा व्यवस्थित होगी। यात्रियों के बारे में जानकारी होने से दुर्भाग्य से यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसके बारे में सूचना प्राप्त की जा सकती है।

31 मार्च तक सभी तैयारियां हो जाएंगी पूरी
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, चारधाम यात्रा को लेकर सभी सुविधाएं 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। पेयजल के लिए जल संस्थान और सड़कों को लेकर सीमा सड़क संगठन को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। सरकार पूरी यात्रा को व्यवस्थित बनाने और कूड़ा प्रबंधन को लेकर गंभीर है।

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